मेवानगर पेटलावद में पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न, अल सुबह से उमड़ा भक्तों का जनसैलाब

पेटलावद :  दादा के आदेशानुसार झाबुआ जिले की पावन धरा पर विश्व की दूसरी भव्य एवं विशाल मेवानगरी के निर्माण की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। यह भव्य मेवानगर पेटलावद तहसील स्थित दामोदर कॉलोनी में गादीपति सुमित पिपाड़ा के मार्गदर्शन एवं आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरीश्वरजी महाराज साहब की पावन निश्रा में निर्मित होने जा रहा है।

शक्ति पीठ पर आस्था का उमड़ा जनसैलाब

पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर प्रातः ब्रह्ममुहूर्त से ही श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव शक्ति पीठ, मेवानगर पेटलावद में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 4 बजे से ही भक्तजन दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए कतारबद्ध होकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते नजर आए।भक्तों की मान्यता है कि ब्रह्ममुहूर्त में दादा के समक्ष नारियल का गोला, गुलाब का फूल, माला, इत्र, मिठाई आदि अर्पित कर तथा स्वयं लाया गया पीतल का दीपक प्रज्ज्वलित कर सच्चे मन से मन्नत मांगने पर दादा शीघ्र ही भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

महाआरती एवं चढ़ावों में उमड़ा उत्साह

ट्रस्टी मनीष कुमट (झकनावदा) ने सर्वप्रथम श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान, श्री नाकोड़ा भैरव देव, श्री नाकोड़ा काला भैरव देव एवं श्री अछुपता माताजी की महाआरती के चढ़ावे लेकर आयोजन का शुभारंभ किया। आरती एवं चावर के चढ़ावों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लाभार्थी परिवारों द्वारा भव्य महाआरती उतारकर धर्मलाभ प्राप्त किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया गया कि पेटलावद में बनने वाली दूसरी भव्य मेवानगरी के निर्माण में श्रद्धालु अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। एक शिला का नखरा ₹54,000 तथा एक ईंट का नखरा ₹2,100 निर्धारित किया गया है।

मन्नतधारियों ने पूर्ण की अपनी मनोकामनाएं

आरती के पश्चात मन्नतधारी श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति पर दादा के दरबार में विशेष भेंट अर्पित की। श्रद्धालु छप्पन नैवेद्य, मिष्ठान, त्रिशूल, डमरू, लड्डू, नारियल, तेल एवं घी के डिब्बे, छत्र, माता रानी का सोलह श्रृंगार सहित विभिन्न पूजन सामग्री सिर पर धारण कर स्थानीय गणेश मंदिर परिसर से ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते हुए शोभायात्रा के रूप में दरबार पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान के साथ अपनी मन्नतें पूर्ण कर दादा का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा।

भक्तों ने साझा किए आस्था से जुड़े अनुभव

महोत्सव में उपस्थित अनेक श्रद्धालुओं ने दादा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए विभिन्न अनुभव साझा किए। कई भक्तों ने बताया कि उन्हें स्वप्न में दादा का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ तथा उनकी समस्याओं का समाधान हुआ। कुछ श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों से राहत मिलने, तो कुछ ने पारिवारिक एवं सामाजिक कार्यों की सफलतापूर्वक पूर्णता को दादा की कृपा बताया। भक्तों का कहना था कि दादा के दरबार में आने से उन्हें मानसिक शांति, आत्मविश्वास एवं नई ऊर्जा प्राप्त होती है। पूर्णिमा महोत्सव के दौरान श्रद्धा और विश्वास का यह अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।

मुख्य रूप से उपस्थित रहे

ट्रस्टी राजेश काठेड नलखेड़ा, ट्रस्टी मनीष कुमट (झकनावदा), ट्रस्टी सौरभ खमेसरा मेघनगर, ट्रस्टी सुनील भांगु पेटलावद, ट्रस्टी जयेश मोदी सैलाना, सहित राजस्थान,महाराष्ट्र,गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश सहित अनेको राज्यों से आए श्रद्धालु, लाभार्थी परिवार एवं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष भक्तगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर सफल आयोजन में श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल एवं कार्यकारिणी मेवानगर पेटलावद की अहम भूमिका रही। उक्त जानकारी मेवानगर पेटलावद के मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा ने दी।

रिपोर्टर : मनीष 

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