अखंड ज्योत लेने सेमलिया से सुरसुरा के लिए रवाना हुआ 11 यात्रियों का जत्था
झकनावदा - (मनीष कुमट) । धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत एक अनूठी यात्रा का शुभारंभ सेमलिया से हुआ। श्री सत्यवीर तेजाजी महाराज की पावन स्थली सुरसुरा से अखंड ज्योत लाने के लिए सेमलिया के 11 श्रद्धालुओं का दल ट्रैक्टर के माध्यम से सुरसुरा के लिए रवाना हुआ। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक उमंग देखने को मिली।श्रद्धालुओं का यह दल सुरसुरा पहुंचकर श्री सत्यवीर तेजाजी महाराज के मुख्य स्थान पर विधि-विधान एवं श्रद्धापूर्वक दर्शन-पूजन करेगा। इसके पश्चात वहां से अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित कर उसे श्रद्धा एवं आस्था के साथ सेमलिया लेकर आएगा।
पैदल यात्रा के माध्यम से लाई जाएगी अखंड ज्योत यात्रा की सबसे विशेष बात यह है कि सुरसुरा से अखंड ज्योत को सेमलिया तक पैदल यात्रा के माध्यम से लाया जाएगा। श्रद्धालु पूरे मार्ग में ज्योत की पवित्रता एवं अखंडता बनाए रखते हुए भक्ति भाव से यात्रा करेंगे। इस दौरान श्री सत्यवीर तेजाजी महाराज के जयकारों से यात्रा मार्ग भक्तिमय होने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं का मानना है कि धार्मिक यात्राएं केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास, संकल्प और भक्ति की यात्रा होती हैं। अखंड ज्योत को लेकर पैदल लौटना इसी श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है। आस्था और परंपरा का बनेगा संगम सुरसुरा स्थित श्री सत्यवीर तेजाजी महाराज की पावन स्थली से अखंड ज्योत को सेमलिया लाने की यह यात्रा क्षेत्र में धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। श्रद्धालुओं के अनुसार अखंड ज्योत ईश्वर के प्रति अटूट आस्था, सकारात्मक ऊर्जा और निरंतर भक्ति का प्रतीक मानी जाती है। सेमलिया पहुंचने के बाद अखंड ज्योत का श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं धार्मिक आयोजन के साथ स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु श्री सत्यवीर तेजाजी महाराज के जयकारों, भजनों और धार्मिक उद्घोषों के साथ अपनी आस्था प्रकट करेंगे। यात्रा को लेकर सेमलिया सहित आसपास के क्षेत्र में भी धार्मिक वातावरण निर्मित हो गया है।
भक्ति, विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़े कदम 11 यात्रियों का यह दल अपने साथ केवल अखंड ज्योत ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास की लौ लेकर लौटेगा। श्रद्धालुओं का संकल्प है कि सुरसुरा की पावन धरती से लाई जाने वाली इस ज्योत को पूरे सम्मान एवं धार्मिक मर्यादा के साथ सेमलिया तक पहुंचाया जाए। धार्मिक मान्यता और लोक आस्था से जुड़ी इस यात्रा ने क्षेत्रवासियों में उत्साह का संचार किया है। श्रद्धालुओं ने श्री सत्यवीर तेजाजी महाराज से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
रिपोर्टर - मनीष
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