जब जब धर्म की हानि होती है तब तब भगवान अवतरित होते है - हरिओम थापक
झाँसी : बालाजी रोड स्थित आयोध्या पुरी कॉलोनी में चल रही सुंदरकांड महिला सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद भागवत कथा रस वर्षण में समस्त भक्तों ने श्रीराम जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव की प्रसंगों की कथा श्रवण की। सर्वप्रथम वैदिक आचार्यो द्वारा कलश पूजन एवं भागवत पूजन मुख्य परीक्षित श्रीमती शशि सतीश कुमार गुप्ता ने किया व उसके पश्चात कथा श्रवण कराते हुए राष्ट्रीय कथावाचक पूज्य आचार्य पं.हरिओम थापक जी महाराज भागवताचार्य एवं ज्योतिषाचार्य ने श्रीराम जन्मोत्सव,श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव के प्रसंगों का मुख्य वर्णन किया और कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है और कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है और जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। पूरा पंडाल नंद में आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयकारों से गूँजने लगा और संगीतमय भजनों पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया व कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पं.रवि शर्मा सदर विधायक झाँसी, पं.रविन्द्र शुक्ल पूर्व मंत्री उ.प्र.सरकार ने भी पूजन-अर्चन व आरती की तथा इस अवसर पर मुख्य रूप से पं.आलोक चतुर्वेदी, डॉ.प्रदीप पांडे, गणेश खरे, रामआसरे गुप्ता, अरुण पचौरी, गोकुल दुबे, सुरेंद्र शर्मा, नीरज श्रीवास्तव, सजल शर्मा, कैलाश नारायण शर्मा, हरिशंकर कुशवाहा, विकास गुप्ता, पुरुषोत्तम गुप्ता, नीरज खरे, सुनील नगाइच, अंकुश सोनी, अनिल श्रीवास्तव, सोनू महाराज, अमरदीप थापक, देशदीप , विश्वनाथ मिश्रा व सुनीता शर्मा, शांति थापक, निशा चतुर्वेदी, सुधा खरे, उमा पांडेय, सविता पचौरी, सरोज पाठक, रजनी अग्रवाल, राखी श्रीवास्तव, सीमा श्रीवास्तव सहित आदि माताएं-बहने भक्तगण उपस्थित रहे व कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य सियारामशरण चतुर्वेदी ने किया व अंत मे आभार ज्ञापन आलोक चतुर्वेदी कार्यक्रम अध्यक्ष ने किया। साथ ही कार्यक्रम समापन पर पं.रवि शर्मा सदर विधायक झाँसी की धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता शर्मा ने सुंदरकांड महिला सत्संग समिति आयोध्या पुरी झाँसी की अध्यक्षा श्रीमती शांति थापक सहित समिति की सभी बहनों को शॉल उड़ाकर एवं श्रीरामलाल अयोध्या धाम का चित्र पट देकर सम्मानित किया।
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