पिता की मौत के मामले में दोषी पुत्र को सात वर्ष का सश्रम कारावास, पाँच हजार रुपये अर्थदण्ड
झांसी : पत्नी व बच्चों को मायके से लाने से इंकार करने पर नशे की हालत में पिता पर लाठी से हमले के बाद मौत के मामले में दोषी पुत्र को अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (आव०वस्तु अधि०) शिव कुमार तिवारी के न्यायालय ने सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा पाँच हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव के अनुसार इटायल निवासी वादी मुकदमा जानकी प्रसाद उर्फ भज्जू पुत्र बालकिशुन कुशवाहा ने 18 मार्च 2024 को थाना लहचूरा में तहरीर देते हुए बताया था कि मेरे पिता हम दोनों भाईयो से अलग रहते हैं। रात करीब 11.45 बजे मेरा छोटा भाई हरदयाल उर्फ मल्थू नशा करके पिता के पास आया गाली-गलौज करता हुआ पिताजी से कहा कि मेरी पत्नि व बच्चों को मायके से लिवा लाओ, पिता ने कहा कि तुम अपने परिवार से लड़ाई-झगड़ा करते हो अधिक नशा किये हो, हम लिवाने नहीं जाएंगे। इस बात पर बगल में रखे डण्डा से पिता पर हमला कर दिया। मां भी मौके पर थी। वादी ने मारते हुए देखा, रोका और पिता को उपचार हेतु सी०एच०सी० मऊरानीपुर ले गया जहाँ इलाज के दौरान डाक्टरो ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 20 मार्च 2024 को ग्राम इटायल में गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अभियुक्त हरदयाल उर्फ मल्थू को इटायल से सिजारी बुजुर्ग की ओर जाते समय गिरफ्तार किया था। विवेचना उपरांत धारा-304, 504 भा०दं०सं० के तहत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अभियुक्त हरदयाल उर्फ मल्थू को धारा-304 पार्ट-।। के अन्तर्गत सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा पाँच हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
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