पायलट प्रोजेक्ट के तहत बोर्ड परीक्षा में प्रदेश के 20 परीक्षा केन्द्रों पर लगाए जाएंगे जैमर- मुख्य सचिव
झांसी: मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं का आयोजन पूर्णतः नकलविहीन, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के मध्य प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती घटनाओं के दृष्टिगत प्रदेश के 18 जनपदों आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया एवं गोण्डा को संवेदनशील घोषित किया गया है तथा इन जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए। अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों का प्रतिदिन दो बार निरीक्षण कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि सभी परीक्षा कक्षों एवं परिसरों में सीसीटीवी युक्त वॉयस रिकॉर्डर पूर्णतः क्रियाशील अवस्था में हों। राज्य स्तर एवं प्रत्येक जनपद स्तर पर कंट्रोल एवं मॉनीटरिंग सेंटर स्थापित हो जाएं। कंट्रोल रूम के लिए उपयुक्त एवं जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाए। परीक्षा कार्य में संलग्न सभी कार्मिकों का प्रशिक्षण समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि एसटीएफ एवं एलआईयू के माध्यम से संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की विशेष निगरानी रखी जाए। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र खोलने की समस्त कार्यवाही सीसीटीवी निगरानी में की जाए तथा यह विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए कि स्ट्रांग रूम से केवल सही प्रश्नपत्र की ही निकासी हो। स्ट्रांग रूम की रात्रिकालीन रैंडम चेकिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। बाह्य नकल की रोकथाम के लिए संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष द्वारा नियमित पेट्रोलिंग की जाए।
उन्होंने परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा समयानुसार बसों के नियमित संचालन एवं यथासंभव निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अनुचित मुद्रण, अफवाह फैलाने एवं परीक्षा में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि ओवरलोडिंग एवं अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए दिनांक 01 फरवरी से 15 फरवरी तक प्रदेश के समस्त जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत लंबित चालान वाले वाहनों, ओवरलोड वाहनों तथा फर्जी, धुंधली अथवा गलत नंबर प्लेट लगाकर खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपखनिजों का परिवहन करने वाले सभी वाहनों पर जीपीएस डिवाइस अनिवार्य रूप से लगवाया जाए तथा संबंधित डिवाइस का विभागीय पोर्टल पर इंटीग्रेशन कराया जाए। इंटीग्रेशन के समय यह भी अनिवार्य रूप से पुष्टि कर ली जाए कि संबंधित वाहन पर एक्टिव माइन टैग मैप्ड है एवं वाहन पर विधिवत रूप से चस्पा है। मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप वाहन उपयुक्त है अथवा नहीं, जैसे बॉडी एक्सटेंशन न होना, नंबर प्लेट सही होना आदि की भी समुचित जांच सुनिश्चित कराई जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शेष 5,632 वाहनों को भी शीघ्र माइन टैग से टैग कराते हुए प्रणाली को पूर्ण रूप से प्रभावी बनाया जाए, ताकि अवैध खनन एवं परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्तों को अपने-अपने मंडलों में कलेक्ट्रेट तथा जिलाधिकारियों को तहसील कार्यालयों का नियमित मुआयना करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के लिए निर्धारित समय पर अधिकारी अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याएं सुनें और उनका समाधान सुनिश्चित करें। राजस्व की महत्वपूर्ण धाराओं के अंतर्गत आने वाले नामांतरण, पैमाइश, वरासत आदि से संबंधित प्रकरणों की सघन एवं सतत मॉनीटरिंग की जाए तथा लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी प्रकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारित हों।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों के कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि खनन विभाग में उपखनिजों के परिवहन हेतु कुल 45,954 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 23,153 वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम परियोजना के अंतर्गत वीएलटीडी इंस्टॉल किया जा चुका है। कुल 40,322 वाहन माइन टैग से टैग हैं, जबकि मात्र 5,632 वाहन अभी माइन टैग से टैग नहीं हैं। बैठक में अवगत कराया गया कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कुल 8033 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में आयोजित होंगी। प्रथम पाली का समय प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली का समय अपराह्न 2.00 बजे से सायं 5.15 बजे तक निर्धारित है। यूपी बोर्ड की वर्ष 2026 की परीक्षा में कुल 53 लाख 37 हजार 778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें हाईस्कूल के 27 लाख 61 हजार 696 तथा इंटरमीडिएट के 25 लाख 76 हजार 082 परीक्षार्थी सम्मिलित हैं।
नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस वर्ष सभी जनपदों एवं परीक्षा केन्द्रों पर मुख्य विषयों के प्रश्नपत्रों के रिजर्व सेट्स की व्यवस्था की गई है तथा प्रश्नपत्रों में केन्द्रवार कोडिंग लागू की गई है। परीक्षा केन्द्रों के स्ट्रांग रूम की 24×7 निगरानी के लिए परिषद मुख्यालय सहित प्रदेश के पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 20 परीक्षा केन्द्रों पर जैमर की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित जिलाधिकारी मृदुल चौधरी आदि उपस्थित थे।
रिपोर्टर अंकित साहू


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