कॉल सेंटर में फर्जी शादी का खेल: झांसी पुलिस ने दबोचा रैकेट
झांसी। काल सेंटर पर वैवाहिक साइड शगुन मैट्रोमोनियल के माध्यम से अधेड़ों को सुन्दर लड़कियों से शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया जबकि काल सेन्टर पर मिली 17 लड़कियों को चेतावनी देकर उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। इस गिरोह के सरगना व सदस्यों की तलाश की जा रही है।
थाना सीपरी बाजार पुलिस टीम ने सीपरी बाजार थाना क्षेत्र की पॉश सरयू विहार कॉलोनी में देर रात छापेमारी कर शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच पड़ताल में पता चला कि यह गिरोह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई लड़कियों की सुन्दर तस्वीरें दिखाकर अधेड़ों को शादी के नाम पर जाल में फंसाता था और शादी कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
एएसपी अरीबा नोमान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सरयू बिहार में उक्त मकान को चारों तरफ से घेरकर टाप फ्लोर पर छापा मारा। वहां शगुन मैट्रोमोनियल का कार्यालय बना था। अंदर जाने पर कमरों में कॉल सेंटर जैसा सेटअप मिला, जहां अलग-अलग केबिन में बैठकर 18 से 20 वर्ष की युवतियां मोबाइल फोन पर लोगों से बातचीत कर रही थीं।
AI से लड़कियों की खूबसूरत फोटो बना कर रचते थे ठगी का जाल
जांच में सामने आया कि गिरोह अधेड़ों को सुन्दर लड़कियों से शादी का झांसा देता था। एल्बम में दिखाई जाने वाली तस्वीरें AI से तैयार की गई थीं। युवकों को पसंद आने के बाद उनसे बात कराने के नाम पर काल सेंटर की लड़की से ही फोन पर बातचीत कराई जाती और फिर पैसों की डील शुरू होती थी।
एक लाख तक की होती थी वसूली
पुलिस के अनुसार, गिरोह शादी का पंजीकरण कराने व रिश्ता तय कराने की आड़ में 1000 से लेकर 1 लाख रुपये या इससे अधिक की ठगी करता था। शादी पक्की कराने के नाम पर रकम लगातार बढ़ाई जाती थी। कुछ मामलों में बाहर राज्यों से लड़कियां लाकर सौदेबाजी तक की जाती थी।
गिरोह का सैकड़ों बन चुके शिकार
पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 610 लोग इस गिरोह का शिकार हो चुके हैं और 40 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की जा चुकी है।
मास्टरमाइंड गिरफ्तार, सरगना साथी सहित फरार
पुलिस ने फर्म की मास्टरमाइंड हिना कौसर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके नाम से ही फ्लेट का किरायानामा है। छापे के दौरान मौके से 17 युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया। यह लड़कियां आर्थिक रूप से कमजोर थी और मजबूरी में यह काम कर रही थीं। गिरोह के सरगना शिवाजी नगर निवासी सतीश प्रजापति और नीतू प्रजापति की तलाश जारी है।
फर्जीवाड़ा में प्रयुक्त भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आधा दर्जन लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और एल्बम सहित कई अहम दस्तावेज आदि बरामद किए हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का खुलासा होने की संभावना है।

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