महिला आटो चालक की हत्या के मामले में आरोपी को नहीं मिली जेल से रिहाई , जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त

झांसी। महानगर की पहली महिला आटो चालक की हत्या के मामले में आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी,उसका जमानत प्रार्थना पत्र विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम आदित्य चतुर्वेदी के न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक केशवेन्द्र प्रताप सिंह के अनुसार वादी की पत्नी श्रीमती अनीता चौधरी  04/05 जनवरी 2026 को रात्रि में टैक्सी चलाने गयी थी तभी रात्रि करीब 1.30 बजे टैक्सी चालक अरून ने मोबाइल फोन पर सूचना दी कि अनीता इलाहाबाद बैंक चौराहे के आगे स्टेशन रोड पर खून से लथपथ पड़ी है। वादी अपने बच्चों के साथ घटना स्थल पर पहुंचा तो देखा अनीता खून से लथपथ पड़ी थी ,उसकी श्वांस नहीं चल रही थी तथा कान मे पहने हुए सोने के टाप्स, नाक की बाली, सोने का मंगलसूत्र तथा मोबाइल नहीं थे। पुलिस पहले से ही वहां मौजूद थी । मेडिकल कालेज में उसकी पत्नी को डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उसने शक जताया कि उसकी पत्नी की मुकेश झां ने अपने पुत्र व जीजा के साथ मिलकर हत्या की है। मुकेश झा ने पूर्व में  उसकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी थी। जिसकी शिकायत थाना नवाबाद में की गयी थी, कई बार पीछा भी किया था। धारा-103 (1) बी. एन. एस व 3 (2) 5 एससीएसटी एक्ट एवं धारा 3/25/27 आयुध
अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।09 जनवरी 26 को भगवन्तपुरा रोड से करगुआ जी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर पुलिस पार्टी द्वारा मुठभेड में अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया तथा उसके पास से एक तमंचा, खोखा कारतूस व एक जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया।
उक्त मामले में जेल में बंद आरोपी मुकेश झा पुत्र भगवत प्रसाद निवासी नगरा थाना प्रेमनगर की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई उपरांत पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

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