एक भाई की हत्या तथा दूसरे भाई पर जान लेवा हमले में दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास
झांसी। दस वर्ष पूर्व एक भाई की हत्या तथा दूसरे भाई पर जान लेवा हमले में दोषी दो सगे भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश, गरौठा शिव कुमार तिवारी के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेन्द्र राजपूत
के अनुसार 01 नवंबर 2016 को वादी मुकदमा के लड़के भूरे, कालू व नन्हें मोटे हार में दक्खनी बबूल के झाखर काट कर खेत में लगा रहे थे। सुबह करीब 9 बजे गोकुल गाँव के रहने वाले राकेश पाल, सर्वेश पाल, शिवपाल पुत्रगण कालका पाल ने पुरानी रंजिश को लेकर उसके दोनों लड़कों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसके लड़के भूरे पाल की मौके पर ही मृत्यु हो गयी तथा दूसरा लड़का कल्लू पाल गंभीर रूप से घायल है, उसको इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वादी ने बताया कि उसके लड़के भूरे का शव मौके पर पड़ा है। उसने तथा उसके लड़के श्याम सुन्दर ने उक्त घटना को देखा है। जब उसने ललकारा तब राकेश, सर्वेश, शिव पाल पुत्रगण कालका पाल जान से मारने की धमकी देते हुये अपने गाँव की तरफ भाग गये।
पुलिस द्वारा अभियुक्तगण राकेश पाल, सर्वेश पाल एवं शिवपाल के विरूद्ध धारा 302,307,506 भा०दं०सं० में मुकदमा पंजीकृत किया गया। दौरान विवेचना अभियुक्त सर्वेश पाल के विरूद्ध मामले में गलत नामजदगी पाते हुये ,अभियुक्तगण राकेश पाल एवं शिवपाल के विरूद्ध धारा 302, 307,506 भा०दं०सं० में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था।
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर
दोषसिद्ध अभियुक्त राकेश पाल एवं शिवपाल को धारा 302/34 भा०दं०सं० के अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा तथा 10 हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह के अतिरिक्त कारावास , धारा 307/34 भा०दं०सं० के अपराध के लिए 7 वर्ष के कठोर कारावास व दो हजार रूपये अर्थ दण्ड , जुर्माना अदा न करने पर 3 माह के अतिरिक्त कारावास, धारा 506 भा०दं०सं० के अपराध के लिए 2 वर्ष के कठोर कारावास व दो हजार रूपये अर्थदण्ड , जुर्माना अदा न करने पर 1 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी।


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