कांवड़ यात्रा के भव्य और सुरक्षित संचालन को लेकर सर्किट हाउस में रणनीति बैठक संपन्न

झांसी। पावन श्रावण माह (सावन) के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर आज सर्किट हाउस, झांसी में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कांवड़ यात्रा समिति के प्रमुख पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य भगवान भोलेनाथ के भक्तों (कांवड़ियों) की सुरक्षा, मार्ग व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य बुनियादी जनसुविधाओं की बिंदुवार समीक्षा करना रहा।
कांवड़ मार्ग की सुरक्षा और सुविधायुक्त व्यवस्थाओं पर हुआ विस्तृत मंथन
सर्किट हाउस में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कांवड़ यात्रा के रूट, यातायात प्रबंधन (रूट डायवर्जन), पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजामों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित मौजूद जिला अध्यक्ष भाजपा सुधीर सिंह ने स्पष्ट किया कि पवित्र श्रावण मास के दौरान निकलने वाली इस यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी होती है। ऐसे में पूरे मार्ग पर सफाई व्यवस्था से लेकर सुरक्षा मानकों तक किसी भी स्तर पर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी, ताकि शिवभक्तों को अपनी यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
 
प्रमुख जनप्रतिनिधि और पूज्य संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान धार्मिक और सामाजिक समन्वय की मजबूत झलक देखने को मिली। 
 
इस अवसर पर मुख्य रूप से कांवड़ यात्रा समिति के
 अध्यक्ष श्री संजीव श्रृंगीऋषि ने यात्रा के पारंपरिक स्वरूप और इस वर्ष की विशेष तैयारियों की रूपरेखा सामने रखी।
 
बबीना विधायक: श्री राजीव सिंह पारीछा ने शासन-प्रशासन के स्तर पर सभी आवश्यक अनुमतियों और बुनियादी सुविधाओं को समय से पूर्व धरातल पर उतारने का मजबूत भरोसा दिया।
सिद्धेश्वर मंदिर के पूज्य आचार्य: श्री हरिओम पाठक ने यात्रा के आध्यात्मिक महत्व और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का मार्गदर्शन दिया।बैठक में कांवड़ यात्रा समिति के सभी सम्मानित सदस्य भी मुस्तैदी से उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में आपसी समन्वय स्थापित कर आगामी कांवड़ यात्रा को ऐतिहासिक, भव्य और पूरी तरह सुरक्षित बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।

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