हिंदी साहित्य भारती (अंतरराष्ट्रीय) के अधिवक्ता प्रकोष्ठ की योजना बैठक संपन्न
झाँसी, 27 जुलाई। हिंदी साहित्य भारती (अंतरराष्ट्रीय) के अधिवक्ता प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण योजना बैठक रविवार सायं 6:00 बजे होटल द मारवलस, बालाजी रोड, झाँसी में केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में संगठन के विस्तार, अधिवक्ता प्रकोष्ठ को सुदृढ़ बनाने, आजीवन सदस्यता अभियान को गति देने तथा सनातन संस्कृति एवं राष्ट्रीय चेतना के संवर्धन हेतु अधिवक्ताओं की सक्रिय भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रवीन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिंदी साहित्य भारती का मूल उद्देश्य "मानव बन जाए जग सारा, यह पावन संकल्प हमारा" को साकार करना है। उन्होंने अधिवक्ताओं से समाज में सांस्कृतिक मूल्यों, राष्ट्रभावना तथा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
बैठक में मंचासीन वार एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद शिवहरे, अधिवक्ता अरुण दीक्षित एवं मदन लाल बबेले ने संगठन की भावी कार्ययोजना तथा अधिवक्ता प्रकोष्ठ के विस्तार पर अपने विचार व्यक्त किए। अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी सूरज बली सिंह ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अधिकाधिक अधिवक्ताओं को संगठन से जुड़ने का आह्वान किया।
बैठक का संचालन अधिवक्ता अभिशेष मिश्र ने किया। उन्होंने संगठन की आगामी गतिविधियों एवं जनजागरण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
सोनू बाथम ने ध्येय गीत गाकर बैठक की शुरुवात की ।
बैठक में केंद्रीय संयुक्त महामंत्री निशांत शुक्ला, सहसंयोजक जन संचार प्रकोष्ठ नीरज सिंह, पूर्ण कालिक संगठन मंत्री अनुराग तिवारी, एडवोकेट अमरसिद्ध, एडवोकेट
सूरज प्रकाश पाठक, एडवोकेट
आर सी दीक्षित, एडवोकेट कुमार वैभव तिवारी, एडवोकेट अनुपम, एडवोकेट देवांग वशिष्ठ, एडवोकेट प्रीति चतुर्वेदी, एडवोकेट मृदुल, एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने समाज में भाषाई, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना के प्रसार हेतु मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
अंत में सहसंयोजक जन संचार प्रकोष्ठ नीरज सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया ।
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