पुरुषार्थ करने से ही पुण्य उदय होंगे: विभाश्री माताजी
झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के बीसवें दिन शनिवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने भगवान के गुणों को निर्मल और धवल बताते हुए कहा कि सभी सोलह कलाओं से पूर्ण पूर्णिमा का चंद्रमा जिस प्रकार उदय होकर चारों लोको प्रकाशित करता है उसी प्रकार आपके अनंत गुण जो निर्मल और धवल हैं वह तीनों लोकों को आच्छादित करते हैं। उन्होंने कहा कि उसी प्रकार अनेकों गुण हम सभी में हैं परन्तु वह राग द्वेष और ईष्या के आवरण से ढके हुए हैं वह पुरुषार्थ करने से उदय होंगे। और उनके उदय होते ही पाप नष्ट होंगे तथा पुण्य जागृत होगा जिससे निश्चय ही स्वयं में भगवान बनने पर उस दिशा में चलने की भावना बलवती होगी जो एक नई एक दिन साकार हो जायेगी और इस पंचम काल में मिली मानव देह त्यागकर मोक्ष को प्राप्त कर सकोगे।
बीसवें दिवस शनिवार के पुण्यार्जक श्रीमती उर्मिला देवी अनंत कुमार जैन,प्रियंका अरिहंत जैन, अक्षांश जैन एवं समस्त समाज सेवी भोलानाथ जैन परिवार सीपरी बाजार झांसी रहे,जिन्होंने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया एवं माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया। इससे पूर्व पं दीपक जैन करैरा के मार्गदर्शन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये। संचालन दिगम्बर जैन पंचायत के महामंत्री कमलजैन लोकपथ एवं करगुवांजी मंत्री शिरोमणि जैन ने किया।अंत में विनोद जैन ठेकेदार ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर चौधरी जितेंद्र जैन तालबेहट, बाहुऊजैन, रानी भागचंद जैन,प्रीति शिरोमणि जैन,कुलदीप जैन रानू जैन, रौनक जैन, राजेंद्र जैन बिजना वाले, इंजीनियर बालचंद जैन,नरेंद्र जैन नारायण बाग आदि मौजूद रहे।
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