मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खिलाड़ियों का सम्मान, ऐश्वर्य सरावगी ने कहा—खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना हम सभी की जिम्मेदारी
झांसी। राजकीय संग्रहालय झाँसी में भारतीय एकता खेल विकास समिति के तत्वावधान में खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में खेल प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनकी जगह उनके पुत्र ऐश्वर्य सरावगी ने प्रतिनिधि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. समरीन खान, डॉ. नीरज अग्रवाल, वैभव बट्टा, संयद नूर अहमद एवं फादर एम. रोज मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाकिर खान ने की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके 20 खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर रहे करीब 50 बच्चों को सम्मानित किया गया। समिति की ओर से सभी प्रतिभागियों को मोमेंटो एवं मेडल प्रदान किए गए, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऐश्वर्य सरावगी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और देश के प्रति समर्पण की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने कहा कि झाँसी और बुंदेलखंड की धरती पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही मंच और निरंतर प्रोत्साहन देने की। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज सम्मानित होने वाले बच्चे आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झाँसी का नाम रोशन करें, यही हम सभी की कामना है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती मनाने का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना और खेलों के प्रति उनमें सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों एवं बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
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