झांसी में डेयरी कॉन्क्लेव-स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ कार्यशाला का हुआ भव्य आयोजन
झांसी: प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए योगी सरकार की उन्नत एवं स्वस्थ गोवंश को बढ़ावा देने की नीति के अंतर्गत दुग्ध विकास विभाग द्वारा संचालित नन्द बाबा दुग्ध मिशन, दुग्ध प्रोत्साहन नीति – 2022 के प्रचार-प्रसार के लिए और प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को झांसी मण्डल, चित्रकूट धाम मण्डल एवं कानपुर मण्डल का संयुक्त रूप से पण्डित दीनदयाल उपाध्याय सभागार जनपद झांसी में ’डेयरी कॉन्क्लेव’ – स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम कार्यशाला का आयोजन किया गया। डेयरी कॉन्क्लेव-स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम कार्यशाला में सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर नौ देवी स्वरूप बालिकाओं की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त करते शुभारंभ किया गया। मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास धर्मपाल सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मां पीताम्बरा माई और वीरभूमि की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई को नमन किया।
इस अवसर पर पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि झाँसी, चित्रकूट धाम मण्डल एवं कानपुर मण्डल कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की समृद्ध संभावनाओं वाले महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जो प्रदेश के डेयरी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और डेयरी उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है, जिससे किसानों की आय बढ़े और महिलाओं व युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हों। अपने उद्बोधन में, उन्होंने निवेशकों से क्षेत्र में डेयरी उद्योग लगाने का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि यह पूर्ण सुरक्षा के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ और छूट भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि तीनों मण्डल प्रदेश के प्रमुख डेयरी हब बनकर उत्तर प्रदेश की ’वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अपने उद्बोधन में पशुधन एवं दुग्ध विकास मन्त्री धर्मपाल सिंह ने ने कहा कि किसानों की आय खेती के साथ पशुपालन से संभव हो सकती है। उन्होंने अपने उद्बोधन में वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में संचालित विभिन्न योजनाओं के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डालते हुए योजनाओं से पशुपालकों/गौपालकों के जीवन स्तर में आने वाले बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गयी। उन्होंने स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य एवं खुशहाल उत्तर प्रदेश के संकल्प को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर दुग्ध आयुक्त श्रीमती धनलक्ष्मी के0 ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण एवं स्थायी आय उपलब्ध कराने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नंद बाबा दुग्ध मिशन एवं दुग्ध नीति-2022 के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन, आधुनिक डेयरी विकास तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत झांसी, चित्रकूट धाम एवं कानपुर मण्डल में लगभग 1200 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 1350 लाख से अधिक की अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। जीबीसी के अन्तर्गत झांसी मण्डल के लिए 15 करोड़, चित्रकूट धाम मण्डल के 04 करोड़ एवं कानपुर मण्डल के 171 करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए हैं, जिनसे हजारों नवीन रोजगार सृजित होंगे। प्रत्येक ग्राम पंचायत में को-ऑपरेटिव सोसायटी के लिए आज ऑनलाइन आवेदन का शुभारंभ किया गया है।
प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ विकास बिंद ने बताया कि 1962 में सोसायटी की स्थापना हुई। प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक दुग्ध पालक हैं, शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करते हुए सभी दूध उत्पादकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
डेयरी कॉन्क्लेव, स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम कार्यशाला कि सुअवसर पर झांसी के जिलाधिकारी गौरांग राठी ने आभार व्यक्त करते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है और डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बन चुका है। झांसी मण्डल दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, दुग्ध प्रसंस्करण और डेयरी उद्यमिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं तथा इन क्षेत्रों में डेयरी विकास की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और युवाओं को डेयरी क्षेत्र से जोड़कर उनकी आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। झांसी मण्डल की सक्रिय भागीदारी से डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने में मजबूत स्तम्भ बनेगा।
कार्यक्रम में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के नीरज राय, अखिलेश कुमार, राघवेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती सावित्री देवी सहित 20 लाभार्थियों और मिनी नंदिनी के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों द्वारा गोपालन से जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट एवं हरा चारा प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पराग, बलनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी,नमस्ते इंडिया डेयरी, एप्रा डेयरी, पशुपालन विभाग, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया एवं विभिन्न निजी एवं सहकारी संस्थाओं द्वारा स्टॉल लगाकर उत्पादों, तकनीकों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया गया।
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉक्टर आरपी सिंह, अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित झांसी, चित्रकूट धाम तथा कानपुर मण्डल के विभिन्न जनपदों के कृषकों, गो पालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियो, निवेशकों की सहभागिता रही। साथ ही वेब कास्टिंग के माध्यम से प्रदेश के अन्य जनपदों के गौपालक एवं उद्यमियों को जोड़कर विभिन्न योजनाओं, नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ- पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर प्रस्तुतिकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विषय विशेषज्ञों द्वारा साझा की गयी।
इस अवसर पर सदस्य विधान परिषद श्रीमती रमा निरंजन सदर विधायक रवि शर्मा, विधायक गरौठा जवाहर लाल राजपूत, अध्यक्ष गौ सेवा संस्थान श्याम बिहारी गुप्ता, प्रदीप सरावगी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ में मुख्य विकास अधिकारी झांसी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, मुख्य विकास अधिकारी ललितपुर शेषनाथ चौहान, एडी पशुपालन एके सागर, राजेश कुमार मंडलीय दुग्धशाला विकास अधिकारी, विकास कुमार वर्मा, डॉक्टर एस के सिंह आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट अंकित साहू
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