धोखाधड़ी,दलित उत्पीड़न के मामले में नत्थू कुशवाहा को नहीं मिली अग्रिम जमानत लोक अभियोजक ने बताया कि छुपाया गया आपराधिक इतिहास , नहीं दिया जा सकता उच्च न्यायालय के निर्णय का लाभ

झांसी। तीन वर्ष पूर्व दलित के साथ धोखाधड़ी और मारपीट जैसे गंभीर मामले में जमीन कारोबारी नत्थू कुशवाहा को अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा विरोध किए जाने पर उच्च न्यायालय के एक निर्णय का लाभ भी नहीं मिल सका और विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण नेत्रपाल सिंह की अदालत ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।  
 विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में वादी रामनरेश ने  कोतवाली में राकेश कुशवाहा, जमीन कारोबारी नत्थू कुशवाहा आदि के खिलाफ जमीन बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर रुपए हड़पने और रुपए वापस मांगने पर जाति सूचक शब्दों से अपमानित व मारपीट कर जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अभियुक्तों को निजी मुचलके पर छोड़ते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय द्वारा अभियुक्तों को पेश होने के लिए समन्न जारी किए जा रहे थे, लेकिन पेश नहीं होने पर न्यायालय ने अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। माह अगस्त 2026 में न्यायालय ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के थाना कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया था। 11 सितंबर 2026 को अभियुक्त जमीन कारोबारी नत्थू कुशवाहा ने जरिए अधिवक्ता न्यायालय में अग्रिम जमानत हेतु अर्जी पेश की गई , जिस पर सुनवाई के लिए 15 सितंबर तिथि नियत थी। मंगलवार को न्यायालय में नत्थू कुशवाहा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह ने न्यायालय में तर्क देते हुए बताया कि अभियुक्त नत्थू कुशवाहा ने अग्रिम जमानत याचिका में अपना आपराधिक इतिहास न्यायालय से छुपाया है। अभियोजक ने कहा कि बच्ची देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के उच्च न्यायालय प्रयागराज के निर्णय का लाभ हिस्ट्रीशीटर को न दिया जाए। उन्होंने न्यायालय में नत्थू कुशवाहा की करीब डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमों की हिस्ट्रीशीट पेश की। वहीं अभियुक्त के अधिवक्ता ने न्यायालय से अपील करते हुए कहा कि अभियुक्त निर्दोष है, अभियुक्त पर लगाये गये आरोप निराधार हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त नत्थू कुशवाहा की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत हेतु प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

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