दलित युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक शोषण, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने, जान से मारने की धमकी के मामले में जमानत अर्जी निरस्त

झांसी। दलित युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शारीरिक शोषण करने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर, जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम नेत्रपाल सिंह के न्यायालय ने निरस्त कर दी।
विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल करौलिया के अनुसार वादिनी ने थाना मऊरानीपुर में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उसके गांव का मोहम्मद सादिक खान उसको शादी का झांसा देकर करीब 06 साल से उसके साथ अवैध संबंध बनाता आ रहा है और उससे कहता रहा कि मैं तुझसे शादी करूंगा लेकिन अब वह उससे शादी नहीं कर रहा है। उसका कहना है कि अगर मुझसे शादी करना है तो तुम्हें मुस्लिम धर्म में अपनाना पड़ेगा ,अगर तुमने मेरी बात कहीं भी की तो तुझे जान से मार देंगे। उसका भाई मुस्तकीम खान भी जान से मारने की धमकी दे रहा है।धारा-69, 351(3) बीएनएस व धारा 3 (2) व्ही, 3(2)‌व्हीए 3(1) द एस.सी/एस.टी एक्ट के तहत थाना मऊरानीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। उक्त मामले में अभियुक्त मोहम्मद सादिक खान की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई उपरांत पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.