ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ सप्ताह चलाएगी समाजवादी पार्टी

झांसी। समाजवादी पार्टी ने आज ऐलान किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी लोकतंत्र बचाओ सप्ताह चलाएगी। पार्टी का यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा, जब तक कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग के गठजोड़ से वोट चोरी का खेल उजागर होने के बाद नैतिकता के आधार पर ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए, लेकिन सरकार उन्हें बचाने का काम कर रही है। पार्टी के महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम ने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पावन जयंती के अवसर पर जिला और महानगर स्तर पर 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह (2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026) का औपचारिक शुभारंभ किया जा रहा है। यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन भारत के निर्वाचन आयोग के संस्थागत कब्जे, चुनावी प्रक्रियाओं में हो रही कथित धांधलियों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को बचाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि देश का चुनाव आयोग भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनावों की गारंटी हुआ करता था, लेकिन आज सत्ता के दबाव में अपनी साख खो चुका है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हमारा स्पष्ट मानना है कि यदि देश में लोकतंत्र और संविधान को बचाना है, तो चुनाव आयोग को इस संस्थागत कब्जे से मुक्त कराना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की मुख्य मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाना,  चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा उनके ऊपर कानून के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई व गिरफ्तारी किया जाना, देश की चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित किया जाना, ताकि आम जनता के मताधिकार की रक्षा हो सके, मतदाता सूची में सुनियोजित तरीके से नाम कटवाने का गंभीर षड्यंत्र का खुलासा किया जाना आदि शामिल है। महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम ने आरोप लगाया कि शासन, प्रशासन के इशारे पर विपक्षी दलों, (विशेषकर समाजवादी पार्टी) के समर्थकों, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची से गायब किए जा रहे हैं। बीएलओ स्तर पर हो रही इस धांधली का मुख्य उद्देश्य हमारे मजबूत वोट बैंक को मतदान के अधिकार से वंचित करना है। एक ही पते पर सैकड़ों फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज किए जाना और बाहरी लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाना इस बात का प्रमाण है कि सत्ताधारी दल चुनाव जीतने के लिए बड़े पैमाने पर 'बोगस वोटिंग' की जमीन तैयार कर रहा है। निर्वाचन आयोग को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और बीएलओ पर सत्ता का दबाव बनाया जा रहा है। विपक्षी बस्तियों और मोहल्लों में घर-घर जाकर फॉर्म-7 के जरिए अवैध रूप से नाम कटवाने के आवेदन स्वीकृत किए जा रहे हैं, जबकि सपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में हमने देखा है कि किस प्रकार प्रशासन के बल पर हमारे मतदाताओं को डराया धमकाया गया और मतदान के दिन रुकावटें डाली गईं। इस बार समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता और पदाधिकारी 'वोट बचाओ' अभियान के तहत हर एक बूथ की निगरानी करेगा और इस प्रकार की किसी भी अवैध हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम चुनाव आयोग से यह मांग करते हैं कि पिछले कुछ महीनों में जितने भी नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं या नए जोड़े गए हैं, उनकी एक सर्वदलीय सूची सार्वजनिक की जाए। साथ ही सभी काटे गए नामों का स्वतंत्र और पारदर्शी सत्यापन कराया जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार न छीना जाए। इस दौरान वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रत्याशी झांसी सीताराम कुशवाहा, अरविंद वशिष्ठ, प्रदेश सदस्य उमा यादव, वरिष्ठ नेता संजय पाल, पूर्व जिला उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा करोशिया जिला अध्यक्ष महिला सभा, संजीव कुशवाहा, इमरान मकरानी महानगर अध्यक्ष युवजन सभा, अवधेश यादव उपाध्यक्ष विधानसभा, जूही साजिद विधानसभा अध्यक्ष महिला सभा, अनिरुद्ध नायक महानगर अध्यक्ष छात्र सभा, नदीम अली हाशमी उपाध्यक्ष महानगर, प्रेम वाल्मीकि महासचिव महानगर, अरविंद अहिरवार उपाध्यक्ष, विक्रम खटीक महानगर अध्यक्ष एससी एसटी प्रकोष्ठ महानगर, नीरज अग्रवाल, पंकज मालवीय सचिव महानगर, नौशाद खान प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक सभा, मयंक यादव प्रदेश सदस्य अंबेडकर वाहिनी, शादाब खान उपाध्यक्ष मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड, अमन सोनी आदि मौजूद रहे।

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