गरीब मरीजों के साथ दवाओं के नाम पर किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : प्रदीप जैन आदित्य
झाँसी। गरीब और जरूरतमंद मरीजों को दवाओं के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दवाओं की उपलब्धता, कीमत और मरीजों के हितों से जुड़े विषयों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग श्री दीपक शर्मा एवं ड्रग इंस्पेक्टर श्री राहुल कुमार से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल परिसरों में संचालित फार्मेसियों और खुदरा दवा विक्रेताओं की निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग की। कहा गया कि मरीजों को संबंधित फार्मेसी के लाइसेंस, उपलब्ध दवाओं और उनके निर्धारित मूल्य की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। दवा कारोबार में पारदर्शिता के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने Drugs (Prices Control) Order, 2013 (DPCO) के प्रावधानों का हवाला देते हुए झाँसी में दवाओं की कीमतों की जांच की मांग की। यह सुनिश्चित किया जाए कि नियामकीय प्रावधानों के अंतर्गत आने वाली दवाओं पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली न हो।
मुख्य रूप से मांग की गई कि झाँसी जनपद के अस्पतालों, नर्सिंग होम और अस्पताल परिसरों में संचालित फार्मेसियों की नियमानुसार जांच कर दवाओं की खरीद कीमत, MRP, बिक्री मूल्य, लाइसेंस, स्टॉक और बिलों का सत्यापन कराया जाए। अनियमितता या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि बीमारी की स्थिति में मरीज पहले ही आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजरता है। ऐसे में दवाओं के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना गंभीर मामला है। दवा मरीज की जरूरत है, मनमानी कमाई का माध्यम नहीं। गरीब मरीजों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से दवा विक्रेताओं और अस्पताल परिसरों की फार्मेसियों की नियमित तथा औचक जांच की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की, ताकि मरीजों के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा हो सके।
इस मौके पर मुकेश अग्रवाल, अखिलेश गुरुदेव और अनिल रिछारिया मौजूद रहे।

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