जलप्रदाय व्यवस्था की महापौर ने की गहन समीक्षा वॉटर टेस्टिंग से लेकर जल सुनवाई तक, महापौर ने दिए अहम निर्देश

कटनी : इंदौर में हाल ही में हुई दुर्भाग्यपूर्ण जलजनित त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने सोमवार को  मेयर इन काउंसिल सदस्य जलप्रदाय उमेन्द्र अहिरवार व जलप्रदाय विभाग के अधिकारियों के साथ एक आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में महापौर ने नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जल आपूर्ति से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली। महापौर ने प्रतिदिन की जाने वाली वॉटर टेस्टिंग की संख्या, परीक्षण की प्रक्रिया, शहर की समस्त जल टंकियों की नियमित सफ़ाई, जल की गुणवत्ता एवं उपलब्धता की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है, उन्हें अलग कलर कोडिंग कर स्पष्ट सूचना चस्पा की जाए, जिससे आम नागरिक भ्रमित न हों और दूषित पानी के उपयोग से बचा जा सके।

इसके साथ ही महापौर ने निर्देशित किया कि शहर में जहां-जहां जल की टेस्टिंग की जाती है, वहां पर्याप्त संख्या में सूचना बैनर लगाए जाएं, ताकि नागरिकों को इसकी जानकारी मिल सके और वे अपने घरों से पानी के सैंपल लाकर जांच करा सकें। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जनजागरूकता से ही जलजनित बीमारियों को रोका जा सकता है।
महापौर ने ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति के समय में आवश्यक परिवर्तन करने के भी निर्देश दिए। साथ ही राज्य शासन के निर्देशानुसार वार्ड स्तर पर जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण एवं मौके पर ही पेयजल के नमूनों की जांच के लिए प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली “जल सुनवाई” के सफल और नियमित आयोजन पर विशेष जोर दिया।
बैठक में उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव, केमिस्ट  मानेन्द्र सिंह बघेल, समस्त क्षेत्रीय समयपाल सहित जलप्रदाय विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। महापौर ने सभी अधिकारियों से सतर्कता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताते हुए कहा कि नागरिकों की शुद्ध जलापूर्ति में  किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रिपोर्टर : सुमित जायसवाल 

 

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