मिट्टी-मुरुम का खेल शासन को लगा रहे राजस्व हानि
ठेकेदार व मशीन मालिक वीरेंद्र गुप्ता द्वारा अवैध उत्खनन बहोरीबंद में रात के अंधेरे में मिट्टी-मुरुम का खेल शासन को लगा रहे राजस्व हानि
कटनी- बहोरीबंद, तहसील में अवैध उत्खनन और परिवहन का बड़ा मामला सामने आने की चर्चा तेज हो गई है। बहोरीबंद स्थित सांदीपनी स्कूल के सामने बन रहे खेल मैदान में रात के अंधेरे में मिट्टी और मुरुम की खुदाई कर ट्रकों के माध्यम से अवैध परिवहन किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार ठेकेदार पांडे, मशीन मालिक वीरेंद्र गुप्ता और सागर गुप्ता मिलकर बिना खनिज विभाग की अनुमति के रातभर जेसीबी और बड़ी पोकलेन मशीनों से मिट्टी और मुरुम का उत्खनन करवा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुरवारी रोड से गुजरते हुए SNR ग्रुप लिखे ट्रकों में मिट्टी और मुरुम भरकर धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल देर रात इसलिए संचालित किया जाता है ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से बचा जा सके। वहीं क्षेत्र में चर्चा है कि SNR ग्रुप लिखे ट्रकों पर कार्रवाई करने से पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी भी पीछे हट जाते हैं। लोगों का कहना है कि इस नाम को किसी बड़े नेता से जुड़ा “कोड” माना जाता है, जिसके चलते कई लोग अपने नए ट्रकों और वाहनों पर भी यही नाम लिखवा लेते हैं ताकि प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बहोरीबंद क्षेत्र में लंबे समय से अवैध उत्खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। नेता और रसूखदारों की आड़ में कई अवैध खनन माफिया करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इन पर सख्त कार्रवाई करने में असफल नजर आ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना अनुमति रात के अंधेरे में चल रहे मिट्टी और मुरुम के इस अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा जब की खनिज विभाग के नियम अनुसार शाम 06:00 बजे के बाद उत्खनन पर पाबंदी लगा दी जाती है।
क्या ठेकेदार पांडे, मशीन मालिक वीरेंद्र गुप्ता और सागर गुप्ता इसी तरह नियमों को ताक पर रखकर अवैध कारोबार करते रहेंगे?
या फिर खनिज विभाग, प्रशासन और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी?
अब जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं…!
रिपोर्टर सुमित जायसवाल

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