नौतपा की अग्नि परीक्षा में तप की ज्योति, कलहरा धाम में आचार्य हनुमान प्रसाद पाण्डेय की साधना से उमड़ रही आस्था

कटनी : विजयराघवगढ़ से लगभग 10 किलोमीटर दूर कलहरा मे नौतपा की प्रचंड गर्मी जब जनजीवन को झुलसा रही है। तब ग्राम कलहरा स्थित महावीर स्वामी हनुमान जी मंदिर में एक अलौकिक आध्यात्मिक दृश्य श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहा है। चारों ओर तपती धूप और लगभग 40 डिग्री तापमान के बीच आचार्य हनुमान प्रसाद पाण्डेय जी की कठोर तपस्या और भगवान के प्रति अटूट समर्पण श्रद्धालुओं के लिए आस्था का जीवंत उदाहरण बन गया है। 25 मई से प्रारंभ हुए अखंड कीर्तन श्रीरामचरितमानस नवाह्न पारायण एवं प्रतिदिन हवन के पावन आयोजन ने कलहरा धाम को मानो एक दिव्य तीर्थ में परिवर्तित कर दिया है। मंदिर परिसर में सुबह से लेकर देर शाम तक सीताराम और जय श्रीराम के जयघोष गूंजते रहते हैं। जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठता है। सबसे अधिक श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र आचार्य हनुमान प्रसाद पाण्डेय जी की वह कठिन तपस्या है। जिसे वे प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नौतपा की झुलसाती गर्मी के बीच पूर्ण एकाग्रता और आत्मनिष्ठा के साथ संपन्न कर रहे हैं। उनकी इस तप साधना को देखकर श्रद्धालुओं की आंखें श्रद्धा से नम हो जाती हैं और मन भक्ति भाव से भर उठता है। धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि यह केवल तपस्या नहीं बल्कि सनातन धर्म की उस महान परंपरा का साक्षात दर्शन है जिसमें ऋषि-मुनियों ने लोककल्याण और धर्म रक्षा के लिए कठोर साधनाएं की थीं। आचार्य जी के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए क्षेत्र ही नहीं दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। भजन-कीर्तन की मधुर स्वर लहरियां यज्ञ की पवित्र अग्नि मानस पाठ की दिव्य चौपाइयां और भक्तों की अटूट आस्था मिलकर ऐसा आध्यात्मिक वातावरण निर्मित कर रही हैं। जहां पहुंचकर हर व्यक्ति स्वयं को ईश्वर के निकट अनुभव कर रहा है। प्रतिदिन प्रसाद वितरण और श्रद्धालुओं की सेवा का क्रम भी निरंतर जारी है। आचार्य हनुमान प्रसाद पाण्डेय जी ने कहा कि यह आयोजन धर्म भक्ति मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने सभी धर्मप्रेमी जनों से इस पुण्य अवसर में सहभागी बनकर प्रभु कृपा प्राप्त करने का आह्वान किया। आयोजन के समापन अवसर पर 3 जून 2026 बुधवार को दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा जिसमें क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं को सपरिवार आमंत्रित किया गया है। नौतपा की तपती दोपहरी में जहां सामान्य जन छांव की तलाश करते हैं वहीं कलहरा धाम में एक संत की तपस्या हजारों हृदयों में भक्ति की शीतल धारा प्रवाहित कर रही है। यही कारण है कि इन दिनों कलहरा धाम केवल एक मंदिर नहीं बल्कि आस्था तप और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र बन गया है। यहां पहुंचने वाला हर श्रद्धालु अपने साथ प्रभु भक्ति की एक नई अनुभूति लेकर लौट रहा है।

रिपोर्टर : सुमित जायसवाल 

 

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