तमकुहीराज में अधिकारों की गूंज
कुशीनगर : छात्र हितों और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर आज तमकुहीराज की सड़कों पर युवाओं का जोश और आक्रोश देखने को मिला। अमित सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल ‘प्रतिरोध मार्च’ के माध्यम से यूजीसी रेगुलेशन की बहाली सहित विभिन्न छात्र मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।
हाथों में तख्तियां और नारों की गूंज के साथ प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया गया —
यूजीसी रेगुलेशन की बहाली — विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पुराने नियमों को पुनः लागू करने की मांग।
रोहित एक्ट लागू किया जाए — परिसरों में भेदभाव रोकने के लिए सख्त कानून की मांग।
जातीय जनगणना — सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए जनगणना कराए जाने की मांग।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रतिरोध मार्च का समापन तहसील मुख्यालय पर हुआ, जहां अमित सिंह ने प्रदर्शनकारियों की ओर से उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तमकुहीराज को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नेतृत्व का संदेश
इस अवसर पर अमित सिंह ने कहा, “यह मार्च केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि हक और इंसाफ की लड़ाई है। जब तक यूजीसी रेगुलेशन बहाल नहीं होता और छात्रों को उनका वाजिब हक नहीं मिलता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे, जिन्होंने एकजुट होकर प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।
रिपोर्टर : सत्यनारायण


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