पुलिस बनी 'बिचौलिया' और सलाखों के पीछे पहुँचा 25 साल पुराना 'धोखाधड़ी का खिलाड़ी'।
कोटा : आरोपी गोपालचन्द (63) साल 1999-2001 से धोखाधड़ी के एक मामले में फरार चल रहा था। उस पर 2000 रुपये का इनाम था और वह जयपुर छोड़कर भीलवाड़ा के बापू नगर में छिपकर रह रहा था। वह समझ चुका था कि अब वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन एसपी सुजीत शंकर के निर्देश पर बनी टीम ने उसकी फाइल फिर से खोल दी। ऑपरेशन 'रिश्तेदारी':- चाय की चुस्की के साथ बिछाया जाल पुलिस टीम को पता चला कि आरोपी को पकड़ना आसान नहीं है, इसलिए टीम ने एक दिलचस्प जाल बुना। पुलिसकर्मी 'रिश्तेदार' बनकर आरोपी के पास पहुंचे और कहा— "हमारे लड़के के लिए एक अच्छी लड़की बता दो, सुना है आपकी जानकारी बहुत है।" शादी-ब्याह और रिश्ते की बात सुनकर आरोपी गोपालचन्द झांसे में आ गया। वह रिश्ते की चर्चा करने के लिए पुलिस द्वारा बताए गए पते पर चाय की थड़ी पर पहुंच गया। जैसे ही उसने चाय का ऑर्डर दिया, पहले से तैनात मोड़क थाना पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।इस कामयाबी के पीछे थानाधिकारी सज्जन कुमार, एएसआई कुंज बिहारी और विशेष रूप से हेड कांस्टेबल शिवओम की सूझबूझ रही। 25 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी ने जिले के अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है।
रिपोर्टर : सुरेश कुमार पटेरिया

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