न्याय की चौखट पर 'सुपर कॉप': सांगोद में एसपी सुजीत शंकर का जनता दरबार, समस्याओं का तत्काल समाधान
कोटा : सांगोद कोटा ग्रामीण के पुलिस कप्तान सुजीत शंकर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिसिंग केवल बंद कमरों से नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर होती है। शुक्रवार को सांगोद थाना परिसर में आयोजित भव्य 'जनसुनवाई' किसी कोर्ट से कम नहीं थी, जहाँ इंसाफ के लिए फरियादी और समाधान के लिए खुद एसपी मौजूद थे।
भीड़ के बीच जब खुद पहुंचे कप्तान सुबह से ही सांगोद सर्कल के गांवों से लोग अपनी उम्मीदें लेकर पहुंचने लगे थे। करीब 100 फरियादियों की मौजूदगी ने यह बता दिया कि लोगों को अपने कप्तान पर कितना भरोसा है। एसपी सुजीत शंकर ने बिना किसी औपचारिकता के, एक-एक पीड़ित की व्यथा सुनी। मौके पर प्राप्त 25 से अधिक परिवादों पर उन्होंने फाइलें नहीं मंगवाईं, बल्कि वहीं खड़े अधिकारियों को "फौरन और सटीक" कार्रवाई के निर्देश दिए।
सिपाही से लेकर थानेदार तक को 'दो टूक'
निरीक्षण के दौरान एसपी का कड़ा रुख भी देखने को मिला। उन्होंने थाने के स्टाफ को स्पष्ट संदेश दिया— "वर्दी का सम्मान तब है जब आप जनता का सम्मान करें।" उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि शिकायत दर्ज कराने आए व्यक्ति को बेवजह चक्कर न कटवाए जाएं। ईमानदारी और शिष्टाचार में कमी पाए जाने पर गाज गिरना तय है।
8764520202: यह नंबर नहीं, जनता का सुरक्षा कवच है!
एसपी ने जनता को सशक्त बनाने के लिए अपना विशेष हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर 8764520202 जारी किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी आपकी सुनवाई नहीं करता या मामला लंबित है, तो सीधे कप्तान को मैसेज करें।
"हमारा लक्ष्य कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर राहत पहुंचाना है। सांगोद की जनता को विश्वास दिलाता हूँ कि अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं और शरीफ आदमी के लिए पुलिस का दरवाजा हमेशा खुला है।"
— सुजीत शंकर, एसपी (कोटा ग्रामीण)
संवाददाता : सुरेश कुमार पटेरिया


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