घटिया सड़क निर्माण पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, विरोध के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

 लातेहार : शहर के जुबली चौक से पॉलिटेक्निक कॉलेज मोड़ तक बन रही कालीकरण सड़क में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। विरोध प्रदर्शन के बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। पिछले गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए थे  और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए विरोध जताया।  था ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में अलकतरा (बिटुमेन) की मात्रा बेहद कम उपयोग की जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि पथ निर्माण विभाग द्वारा करीब ढाई किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 1.75 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य में प्राक्कलन (एस्टीमेट) की अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि कई बार रात के अंधेरे में काम कराया गया, ताकि गुणवत्ता में की जा रही लापरवाही छिपाई जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब है कि पैर से रगड़ने पर ही कालीकरण की परत उखड़ जा रही है। इससे स्पष्ट है कि सड़क निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके।जनशक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव मुरली प्रसाद ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है, लेकिन घटिया निर्माण के कारण यह पहली ही बारिश में उखड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण गुणवत्ता के साथ होना चाहिए, न कि केवल “थूक पॉलिश” कर खानापूर्ति की जाए।इस संबंध में पथ निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

रिपोर्टर : बब्लू खान 

 

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