12 लाख की बेंच पर लुटाए 48 लाख, 15वें वित्त आयोग की राशि में भारी बंदरबांट
लातेहार - गारू प्रखंड की छह पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की राशि में भारी बंदरबांट का मामला सामने आया है। सरकारी फाइलों में पारदर्शिता का दावा करने वाले सिस्टम ने आरसीसी बेंच की खरीद में ऐसा ‘कमीशन का खेल’ खेला कि लगभग 12 लाख रुपये के काम को कागजों पर 48.33 लाख रुपये दर्शाकर भुगतान कर दिया गया। प्रखंड में कुल 264 बेंच (33 यूनिट) के लिए ₹48,33,300 का भुगतान किया गया है। दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल के दौरान लोहरदगा स्थित परी एंटरप्राइजेज (नियर शिशु मंदिर) से 8 बेंच यानी एक यूनिट का कोटेशन मंगवाया। कोटेशन के अनुसार जीएसटी सहित 8 बेंच की कुल कीमत मात्र ₹23,600 बताई गई। इस आधार पर एक बेंच का दर ₹2950 होता है। अब इसमें लोडिंग-अनलोडिंग, परिवहन, इंस्टॉलेशन और पेंटिंग जोड़ने के बाद भी एक बेंच की कुल लागत ₹4500 से अधिक नहीं बैठती। यानी जिस यूनिट के लिए औसतन डेढ़ लाख रुपये तक खर्च दिखाया गया, वही यूनिट बाजार में इससे लगभग चार गुना कम कीमत पर उपलब्ध है। बाजार दर से चार गुना अधिक हुए भुगतान ने मामले को तूल दे दिया है। इससे स्थानीय प्रशासन और बिचौलियों की संभावित साठगांठ उजागर होती दिख रही है।
गणित जो चौंका देगा
जानकारी के अनुसार, 8 बेंचों की एक यूनिट बनती है। इस आधार पर बाजार दर से एक यूनिट की अधिकतम लागत ₹36,000 होनी चाहिए। इस हिसाब से 33 यूनिट का कुल वास्तविक खर्च लगभग ₹12 लाख बैठता है। इसके विपरीत सरकारी अभिलेखों में इसी कार्य के लिए ₹48.33 लाख का भुगतान दिखाया गया है। यानी लगभग ₹36 लाख की राशि कमीशन और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।
पंचायतवार विवरण:
कोटाम – 7 यूनिट – ₹10,40,760
रूद – 13 यूनिट – ₹18,82,020
करवाई – 4 यूनिट – ₹5,79,956
धांगरटोला – 7 यूनिट – ₹10,35,260
बारेसांढ़ – 1 यूनिट – ₹1,47,652
मायापुर – 1 यूनिट – ₹1,47,652
इस प्रकार कुल 33 यूनिट पर ₹48,33,300 की राशि व्यय की गई है। दो वर्षों में केवल बेंच खरीद वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान प्रखंड की पंचायतों में मुख्य रूप से बेंच खरीद का कार्य किया गया। स्थिति यह रही कि कई पंचायतों में स्थानीय स्तर पर अन्य विकास कार्य नहीं हो सके।
क्या कहते हैं मुखिया…
रूद पंचायत के मुखिया अजय टोप्पो ने कहा कि प्रखंड के निर्देश पर सभी पंचायतों ने बेंच लगाने का कार्य किया, इसलिए उन्होंने भी यह कार्य कराया। करवाई पंचायत के मुखिया सुनेश्वर सिंह ने बाद में जानकारी देने की बात कहकर फोन काट दिया। बारेसांढ़ पंचायत की मुखिया रूपमनी नगेसिया ने कहा कि प्रखंड में क्या हो रहा है,यह सभी देख रहे हैं। इससे अधिक वे कुछ नहीं कह सकतीं।
रिपोर्टर - बब्लु खान

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