गैस की क़िल्लत केंद्र सरकार की रणनीतिक विफलता:लाल मोती नाथ शाहदेव

लातेहार - खाड़ी देशों में युद्ध के बाद से ही देश भर में एलपीजी गैस की आपूर्ति एक चुनौती बनी हुई है।ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं में इसे लेकर ख़ासा भ्रम है और गैस को लेकर परिस्थितियाँ लगातार चिंतनीय है। लातेहार के विभिन्न हिस्सों से गैस आपूर्ति को लेकर आ रही खबरों पर आज झारखण्ड मुक्ति मोर्चा लातेहार के ज़िलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव और झामूमो नेता सौरभ श्रीवास्तव की ओर से एक संयुक्त प्रेस बयान जारी किया गया। लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा कि देश में गैस की क़िल्लत केंद्र सरकार की विफलता का परिचायक है। केंद्र सरकार की तरफ़ से देश में माँग के अनुसार गैस की आपूर्ति नहीं होने के कारण गैस की क़िल्लत हुई है।लातेहार में हर उपभोक्ता को गैस सरलता से मिले राज्य सरकार इसके लगातार प्रयास कर रही है। श्री शाहदेव ने कहा कि कुछ एजेंसियों के स्तर से गैस वितरण में अनियमितता का मामला संज्ञान में आया है जो चिंता का विषय है।हम यह चाहेंगे कि तय दिशा निर्देशों के अनुसार उपभोक्ताओं को घर-घर गैस की डिलीवरी सुनिश्चित की जाय और गैस गोदाम में किसी भी परिस्थिति में भीड़ ना जुटे।गैस गोदाम के पास भीड़ जुटने से किसी संभावित ख़तरे से इनकार नहीं किया जा सकता इसलिए प्रशासन इसे तत्काल रोकने के लिए कदम उठाए अन्यथा मोर्चा इसपर सख़्ती से पेश आएगी।

झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि गैस की क़िल्लत और कुछ एजेंसियों की उदासीनता और अनियमितता गंभीर चिंता का विषय है जिससे उपभोक्ताओं को ख़ासी परेशानी हो रही है। सौरभ ने आगे कहा कि घरेलू के साथ-साथ व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्त्ति पर कोई तय गाइडलाइन नहीं होने के कारण इसकी आपूर्ति ठप्प है जिससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और इसपर आश्रित व्यवसायियों के सामने रोज़ी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जा रही है। इसपर प्रशासन त्वरित संज्ञान ले नहीं तो मोर्चा कड़े कदम उठाने पर विवश होगी। सौरभ ने कहा कि एजेंसियों पर पार्टी के कार्यकर्ता नज़र बनाए हुए हैं और कुछ भी संदिग्ध मिला तो उन एजेंसियों की रिर्पोट राज्य सरकार को प्रेषित करेंगे। ज़िलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा कि जल्द ही पार्टी ज़िला स्तर पर एक निगरानी समिति का गठन करेगी जो गैस आपूर्ति को सुगम बनाने का हर संभव प्रयास करेगी।

झामुमो लातेहार के गैस आपूर्ति मामले में दखल के बाद लोगों को उम्मीद है कि एक ओर जहाँ इस गंभीर विषय जहां प्रशासन की संजीदगी बढ़ेगी वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को तो राहत मिलेगी ही साथ ही गैस एजेंसियों की मनमानी पर भी लगाम लग सकेगी।

रिपोर्टर - बब्लू खान 

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