एनटीपीसी जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीणों ने किया सात घंटे सड़क जाम
बालूमाथ : एनटीपीसी कंपनी के कोल ब्लॉक परियोजना को लेकर आगामी 1 जून को प्रस्तावित पर्यावरण जनसुनवाई के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। चितरपुर, नावाडीह, बिशनपुर, भैंसादोन, गेरेन्जा, हराफू और पिण्डरकोम समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने बालूमाथ-रांची मुख्य पथ एनएच-22 को गेरेन्जा चौक के समीप जाम कर दिया। सुबह 11 बजे शुरू हुआ सड़क जाम शाम 4 बजे तक चला, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी सड़क पर दरी बिछाकर बैठ गए और हाथों में तख्तियां लेकर “जनसुनवाई रद्द करो”, “आदिवासियों पर जुल्म बंद करो” “एनटीपीसी के दलाल होश में आओ” तथा “कंपनी की मनमानी नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के जनसुनवाई कराना पेसा कानून और आदिवासी अधिकारों का उल्लंघन है।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कामेश्वर उरांव ने कहा कि सड़क जाम की सूचना पहले ही उपायुक्त लातेहार को आवेदन देकर दे दी गई थी। बसंती देवी ने कहा कि अंचल कार्यालय में बिना सहमति ग्रामसभा करना पूरी तरह असंवैधानिक है। वहीं शंकर उरांव ने कहा कि अंग्रेजों के बाद अब कंपनियां आदिवासियों को गुलाम बनाने की कोशिश कर रही हैं, जिसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सड़क जाम की सूचना मिलने पर अंचल अधिकारी बालेश्वर राम एवं थाना प्रभारी अमित कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए जनसुनवाई रद्द करने की मांग की।अधिकारियों द्वारा मांग पत्र उपायुक्त तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। मौके पर सर्जन उरांव राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद प्रवक्ता, कामेश्वर उरांव, राजू उरांव, परमेश्वर उरांव, दाले उरांव, सोमा उरांव, बालेश्वर गंझू, शंकर उरांव, मुनेश्वर भुइयां, गोलेश्वर यादव, प्रदीप उरांव, पवन उरांव, कार्तिक उरांव, मनोज यादव, सोमी देवी, राजमणि देवी, सोनामणि देवी, लालमणि देवी, प्रीति देवी, सलमानी देवी, आशा देवी, प्रमिला देवी, किरण देवी, सहित सैकड़ों महिला पुरुष सड़क जाम में मौजूद थे।
रिपोर्टर : मो० अरबाज

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