शरद ऋतु में सक्रिय होने वाले कोयला चोर सावधान!अवैध कोयले का एक ढेला भी नहीं उठने देंगे, सौरभ ने किया आगाह”
लातेहार : जिले में अवैध कोयला उत्खनन और कोयले की कथित तस्करी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा नेता सौरभ श्रीवास्तव ने विपक्षी दलों के नेताओं पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और लातेहार क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध कोयला उत्खनन को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से भाजपा के नेता कोयला तस्करी के मुद्दे को लेकर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। उनके अनुसार, विपक्ष को आरोप लगाने के बजाय यह भी देखना चाहिए कि प्रशासन द्वारा अवैध खनन और कोयला चोरी की सूचनाओं पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है।
उन्होंने कहा कि बालूमाथ, बालू, नवादा, आरा, चमातू, हेरहंज तथा आसपास के कोयला क्षेत्रों में यदि अवैध उत्खनन या कोयला चोरी की कोई सूचना सामने आती है तो प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसी किसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
कोयला चोरी की तैयारी कर रहे लोगों को चेतावनी
श्रीवास्तव ने दावा किया कि उनके संज्ञान में ऐसी सूचनाएं आई हैं कि अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कुछ लोग आगामी समय में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन की नजर कोयला क्षेत्रों पर है और अवैध उत्खनन अथवा चोरी की किसी भी कोशिश पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “अवैध कोयले का एक ढेला भी नहीं उठने दिया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति, कारोबारी, अधिकारी या जनप्रतिनिधि द्वारा अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने की बात सामने आती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
डीसी, एसपी और खनन विभाग को देंगे लिखित सूचना
सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि वह स्वयं इस मामले को लेकर लातेहार के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, जिला खनन पदाधिकारी तथा संबंधित थाना प्रभारियों को लिखित रूप से सूचना देंगे और अवैध कोयला उत्खनन एवं परिवहन की संभावित गतिविधियों पर निगरानी और कार्रवाई की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होने की आशंका रहती है, बल्कि इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में प्रशासन को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग होकर कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए।
भाजपा के आरोपों पर भी साधा निशाना
भाजपा नेताओं के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि विपक्षी दल को सरकार पर आरोप लगाने के साथ-साथ अवैध खनन के मामलों में हुई प्रशासनिक कार्रवाई को भी सामने रखना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर राज्य सरकार को घेरने के लिए कोयला तस्करी के मुद्दे को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
हालांकि, भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और राज्य सरकार के पक्ष पर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आते रहे हैं। अवैध खनन अथवा तस्करी के किसी विशिष्ट मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए प्रशासनिक जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
सरकार की बदनामी का कारण नहीं बनना चाहिए अवैध कारोबार
सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध कोयला कारोबार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे राजस्व, पर्यावरण और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है तथा निर्वाचित सरकार की छवि भी प्रभावित होती है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लातेहार के कोयला क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और जहां भी अवैध उत्खनन, भंडारण या परिवहन की सूचना मिले, वहां तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सौरभ श्रीवास्तव के इस बयान के बाद लातेहार के कोयला क्षेत्रों में अवैध उत्खनन और कथित कोयला तस्करी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर होंगी।
रिपोर्टर : बब्लू खान

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