मोहनलालगंज बस स्टेशन पर दुकानों का अतिक्रमण से बिगड़े हालात

मोहनलालगंज/लखनऊ : मोहनलालगंज बस स्टेशन परिसर में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण और अवैध कब्जों को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने एक बार फिर प्रशासन को सख्त पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। परिवहन निगम का आरोप है कि कई बार पत्राचार के बावजूद न तो अवैध कब्जे हटाए गए और न ही बस स्टेशन परिसर में फैली अव्यवस्था पर प्रभावी कार्रवाई हुई। इससे स्थानीय रसूखदारों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।उपनगरीय हैदरगढ़ डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा चार जुलाई 2026 को दक्षिणी जोन के डीसीपी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मोहनलालगंज बस स्टेशन परिसर में अवैध रूप से जूस कॉर्नर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने टीन शेड लगाकर स्थायी कब्जा कर लिया है तथा परिसर में अनाधिकृत वाहनों का ठहराव भी लगातार जारी है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और बस स्टेशन की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले बीते 30 मई 2026 को भी इसी संबंध में पत्र भेजकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमण और बढ़ गया। परिवहन निगम का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई न होने से कब्जाधारियों का मनोबल बढ़ा है और वे खुलेआम मनमानी कर रहे हैं।परिवहन निगम ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि बस स्टेशन की अव्यवस्था और अतिक्रमण की शिकायतें लगातार सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर सामने आ रही हैं। इससे निगम की छवि धूमिल हो रही है और उच्च अधिकारियों की ओर से भी नाराजगी व्यक्त की जा रही है।जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग इससे पहले भी कई बार मोहनलालगंज, स्थानीय पुलिस तथा नगर पंचायत को पत्र लिखकर बस स्टेशन परिसर से अतिक्रमण हटाने और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाने का अनुरोध कर चुका है। इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों के कब्जों के आगे प्रशासन पूरी तरह बेबस दिखाई दे रहा है, जिसके कारण सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

परिवहन निगम ने डीसीपी तथा क्षेत्रीय प्रबंधक को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। साथ ही बस स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तीन सुरक्षा गार्डों की तैनाती की मांग भी दोहराई गई है।अब देखना यह होगा कि परिवहन निगम के बार-बार अनुरोध के बाद प्रशासन बस स्टेशन परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों तक ही सीमित रह जाता है।

रिपोर्टर : धीरज 

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