परभणी में एलसीबी का जाल सफल; घरफोड़–चोरी के शातिर आरोपी आखिरकार गिरफ्तार
सोनपेठ : परभणी ग्रामीण सहित विभिन्न थानों के मामलों का खुलासा; एक आरोपी पर मोका कानून के तहत मामला दर्ज
परभणी (प्रतिनिधि): जिले में फरार और वांछित आरोपियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत परभणी स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घरफोड़ और चोरी के मामलों में शामिल दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पर पहले से ही मोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकद रकम, सोने-चांदी के आभूषण तथा वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का खंजर बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक रविंद्रसिंह परदेशी के आदेश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूरज गुंजाल के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। पुलिस निरीक्षक विवेकानंद पाटील के नेतृत्व में टीम गंगाखेड़ क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि शेष्या उर्फ शेषेराव चपऱ्या काले (उम्र 38, निवासी मोहळ, जिला सोलापुर) खळी फाटा क्षेत्र में रुका हुआ है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर उसे हिरासत में लिया। उसके साथ मौजूद आलीश उर्फ आल्या उर्फ काळया सुरेश काले (निवासी दत्तनगर, मोहळ, जिला सोलापुर) को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों को स्थानीय अपराध शाखा कार्यालय लाकर कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने परभणी जिले के विभिन्न पुलिस थानों की सीमा में कई घरफोड़ और चोरी की वारदातें करने की बात कबूल की। आरोपी नंबर एक शेष्या काले की तलाशी लेने पर उसकी कमर में छिपाकर रखा गया लोहे का खंजर बरामद हुआ, जिसे पंचनामा कर जब्त किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने सोनपेठ, परभणी ग्रामीण, जिंतूर, दैठणा और गंगाखेड़ पुलिस थानों की सीमा में कई घरफोड़ की घटनाएं अंजाम दी थीं। इन मामलों में पुलिस ने करीब 1 लाख 8 हजार 950 रुपये मूल्य का सोने का मंगलसूत्र, चांदी के आभूषण, नकद रकम तथा अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों ने कुछ आभूषण बेचने की भी बात कबूल की है, जिसके संबंध में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक विवेकानंद पाटील, पुलिस उपनिरीक्षक चंद्रसिंह परिहार तथा पुलिस कर्मचारी महेश कवठाळे, राहुल परसोडे, सिद्धेश्वर चाटे, माणिक वाघ, केशव लटपटे, सचिन भदर्गे, रंगनाथ दुधाटे, नामदेव डुबे, राम पोळ, दिलीप निलपत्रेवार, गजानन क्षीरसागर, उमेश चव्हाण, मधुकर ढवळे, शरद सावंत, साने, उत्तम हनवते और कांगणे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस कार्रवाई से जिले में हुई कई घरफोड़ की घटनाओं का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानों को सौंप दिया गया
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