खनिज निधि के प्रभावी उपयोग से दुर्गम क्षेत्रों के समग्र विकास को मिली नई गति
गडचिरोली : जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) के माध्यम से खनन प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों में किए गए विकासात्मक कार्यों की सफलता को दर्शाने वाली पुस्तक ‘डीएमएफ सफलतागाथा – भाग 1’ का विमोचन महाराष्ट्र राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के हाथों किया गया। इस पुस्तक में बताया गया है कि जिले की खनिज संपदा से प्राप्त निधि का उपयोग स्थानीय नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार और समावेशी विकास के लिए किस प्रकार किया जा रहा है।
इस अवसर पर विभागीय अपर आयुक्त माधवी खोडे, गड़चिरोली के जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, उमेद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निलेश सागर, मुख्य वन संरक्षक जी. पी. नरवणे तथा अपर जिलाधिकारी नितीन गावंडे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
जिलाधिकारी तथा जिला खनिज प्रतिष्ठान के अध्यक्ष अविश्यांत पंडा ने कहा कि खनन प्रभावित और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक विकास की मुख्यधारा पहुंचाने के लिए डीएमएफ के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय समुदायों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों, विभिन्न विभागों और प्रशासन के सक्रिय सहयोग से इन योजनाओं को सफलता मिली है, जिससे क्षेत्र में सतत विकास की मजबूत नींव तैयार हुई है।
जिला खनिकर्म अधिकारी डॉ. इम्रान शेख ने बताया कि डीएमएफ केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाली संस्था नहीं है, बल्कि खनिज संपदा को सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास में परिवर्तित करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में खनिज राजस्व में वृद्धि होने पर ऐसे विकास कार्यों का दायरा और अधिक बढ़ेगा।
पुस्तक में जिले में संचालित 15 प्रमुख विकासात्मक परियोजनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। इनमें महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सैनिटरी नैपकिन उत्पादन, क्षय रोगियों के लिए पोषण सहायता, ‘मावा अस्काना लोन’ पहल, गोटूलों को ज्ञान केंद्रों में विकसित करना, ‘प्रकल्प आदिशा’, कृषि उपकरण बैंक, स्मार्ट स्कूल, डिजिटल भाषा प्रयोगशालाएं, वर्षा जल संरक्षण परियोजनाएं, सौर ऊर्जा आधारित पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, जटायू सुपर मशीन द्वारा स्वच्छता प्रबंधन, मशरूम उत्पादन केंद्र, बोरवेल आधारित सिंचाई सुविधाएं, लौह निष्कासन परियोजना तथा मत्स्य व्यवसाय विकास जैसे उपक्रम शामिल हैं।
इन योजनाओं के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित पेयजल, किसानों की उत्पादकता में वृद्धि, ग्रामीण रोजगार सृजन तथा सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इस अवसर पर विश्वास व्यक्त किया गया कि ‘डीएमएफ सफलतागाथा – भाग 1’ गड़चिरोली जिले के विकास और परिवर्तन की यात्रा का महत्वपूर्ण दस्तावेज सिद्ध होगा।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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