आलापल्ली में उत्साहपूर्वक मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
गडचिरोली : जिले के अहेरी तहसील अंतर्गत आलापल्ली के क्रांतिवीर बाबुराव शेडमाके मुख्य चौक में पारंपरिक ग्रामसभा आलापल्ली के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस उत्साह एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवक-युवतियां, विद्यार्थी, सरकारी एवं अर्धसरकारी अधिकारी-कर्मचारी तथा वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज की पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल-नगाड़ों और सनई की गूंज के बीच भव्य रैली से हुई। रैली के दौरान समाज के लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इसके बाद टेकड़ी परिसर स्थित गढ़ी देवी मंदिर में पारंपरिक पद्धति से पूजा-अर्चना की गई। विभिन्न स्थानों पर आदिवासी समाज का सप्तरंगी ध्वज फहराया गया तथा महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटक पत्रुजी आत्राम, प्रतिष्ठित नागरिक रहे, जबकि अध्यक्षता ईश्वर वेलादी ने की। विशेष अतिथि के रूप में हेमंत चांदेवार, उपविभागीय पुलिस अधिकारी, प्राणहिता-अहेरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सरपंच शंकर मेश्राम, डॉ. सुमती नैताम, पूर्व जिला परिषद सदस्य लैजाताई चालूरकर, पुलिस उपनिरीक्षक सतीश जाधव, अरुण सडमेक, पूर्व सरपंच सुगंधाताई मडावी, पेसा महिला सदस्य मीनाताई सल्लम, डॉ. सुंदर नैताम, ग्राम पंचायत सदस्य संतोष अर्का सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों का क्रांतिवीर बाबुराव शेडमाके का तैलचित्र, उपहार एवं पीला दुपट्टा देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित मान्यवरों ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकार एवं सामाजिक विकास पर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए युवा पीढ़ी को शिक्षा, सामाजिक एकता और विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एकजुट होकर आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों ने आदिवासी गीतों पर आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का संचालन विश्वनाथ वेलादी, प्रस्तावना कैलाश कोरेत तथा आभार प्रदर्शन राजू आत्राम ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मनोज सडमेक, कैलाश कोरेत, योगेश कन्नाके, अक्षय मडावी, लकी सडमेक, धीरज मडावी, उमेश आत्राम, बंडू उरेत, आकाश मडावी, प्रतीक गेडाम, नागेश मेश्राम, राजू सिडाम, विनोद अर्का, वासुदेव मडावी, आर्यन कन्नाके, संदीप उरेत, सुमित मडावी, दीपक कन्नाके, गोपाल कोरेत, अल्का कोरेत, मंजुला मडावी, चंद्रकला आत्राम, प्रेमीला मडावी, पार्वती सडमेक, दुर्गाबाई उरेत, रामबाई आलाम, लक्ष्मी आत्राम, वर्षा मडावी, पंचपुला उईके, संगीता इष्टाम, योगिता कोरेत, शिल्पा सडमेक, पूजा कोरेत सहित अनेक लोगों ने अथक परिश्रम किया।
इस विश्व जागतिक आदिवासी दिन अवसर पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के नागरिक उपस्थित थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक एकता और आदिवासी गौरव का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार
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