अहेरी पंचायत समिति को स्वतंत्र BDO देने की मांग तेज

गडचिरोली :  गढ़चिरौली जिले के अहेरी तहसील की पंचायत समिति में स्वतंत्र एवं स्थायी खंड विकास अधिकारी (BDO) की नियुक्ति की मांग जोर पकड़ने लगी है। अहेरी जैसे बड़े और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण तहसील में स्वतंत्र BDO की आवश्यकता को लेकर नागरिकों ने सवाल उठाए हैं। नागरिकों का कहना है कि जब भामरागढ़ में BDO का पद उपलब्ध है, तो अहेरी पंचायत समिति को स्वतंत्र BDO से वंचित क्यों रखा जा रहा है? साथ ही, BDO का पद रहते हुए सहायक खंड विकास अधिकारी (ABDO) के पद की आवश्यकता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

BDO चव्हाण की कार्यप्रणाली को नागरिकों ने किया याद

अहेरी पंचायत समिति में पूर्व में कार्यरत BDO चव्हाण की कार्यशैली को आज भी नागरिक याद करते हैं। नागरिकों के अनुसार, उनके कार्यकाल में पंचायत समिति के कामकाज को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाता था। वे तहसील के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्राम पंचायतों, स्कूलों तथा विकास कार्यों का निरीक्षण करते थे। इसके अलावा, वे आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनते और संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समाधान करने का प्रयास करते थे।

नागरिकों का मानना है कि ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक कार्यों की नियमित निगरानी तथा जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अहेरी पंचायत समिति में एक सक्षम और स्थायी BDO की नियुक्ति आवश्यक है।

बड़े ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्वतंत्र BDO जरूरी

अहेरी तहसील को क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। तहसील के अंतर्गत बड़ी संख्या में गांव और ग्राम पंचायतें आती हैं। यहां ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों, सरकारी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, विभिन्न शासकीय योजनाओं तथा ग्रामीण विकास से संबंधित अनेक जिम्मेदारियां पंचायत समिति के माध्यम से पूरी की जाती हैं।

ऐसे में इन कार्यों की प्रभावी निगरानी, योजनाओं की समीक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए स्वतंत्र गट विकास अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्ट जिम्मेदारी और नियमित मार्गदर्शन रहने से विकास कार्यों की गति बढ़ सकती है तथा आम लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

भामरागढ़ में BDO, तो अहेरी में क्यों नहीं?

अहेरी पंचायत समिति में स्वतंत्र BDO की नियुक्ति को लेकर नागरिकों ने प्रशासन से स्पष्टता की मांग की है। उनका सवाल है कि भामरागढ़ जैसे क्षेत्र में BDO का पद उपलब्ध होने के बावजूद अहेरी जैसे महत्वपूर्ण तहसील की पंचायत समिति में स्वतंत्र अधिकारी की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?

नागरिकों का कहना है कि अहेरी पंचायत समिति की प्रशासनिक आवश्यकताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के व्यापक दायरे को देखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। स्वतंत्र BDO की नियुक्ति से पंचायत समिति के कामकाज में जवाबदेही बढ़ने और ग्रामीण विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा होने की उम्मीद है।

विधायक धर्मराव बाबा आत्राम से हस्तक्षेप की मांग

इस मामले में अहेरी क्षेत्र के नागरिकों ने स्थानीय विधायक डॉ. धर्मराव बाबा आत्राम से विशेष ध्यान देने की मांग की है। नागरिकों की अपेक्षा है कि विधायक इस प्रशासनिक मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग और शासन के समक्ष अहेरी पंचायत समिति में स्वतंत्र एवं स्थायी BDO की नियुक्ति का विषय उठाएं।

नागरिकों का कहना है कि अहेरी पंचायत समिति को स्वतंत्र BDO मिलने से ग्राम पंचायतों के कामकाज, शासकीय योजनाओं की निगरानी और ग्रामीण विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिल सकती है।

अब प्रशासन और शासन के फैसले पर निगाहें

अहेरी पंचायत समिति में स्वतंत्र BDO की नियुक्ति की मांग के बीच अब संबंधित प्रशासन और शासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। नागरिकों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और अहेरी पंचायत समिति को स्थायी नेतृत्व उपलब्ध कराया जाएगा।

अब सवाल यही है कि अहेरी पंचायत समिति को स्वतंत्र BDO कब मिलेगा और ग्रामीण विकास से जुड़ी प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए शासन कब ठोस कदम उठाएगा? इस विषय पर नागरिकों की निगाहें संबंधित प्रशासन और विधायक के संभावित हस्तक्षेप पर टिकी हैं।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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