बचत के पैसों से वृद्धों के चेहरों पर खिलाई मुस्कान; इशिका चन्नावार ने जन्मदिन को बनाया यादगार

गडचिरोली  : आज के दौर में जन्मदिन मनाने के लिए भव्य पार्टियों और अनावश्यक खर्चों का चलन बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में सामाजिक कार्यकर्ता प्रविण चन्नावार की बेटी इशिका प्रविण चन्नावार ने अपने जन्मदिन पर अपनी बचत के पैसों से मातोश्री वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को जीवनावश्यक वस्तुएं, फल और अल्पाहार वितरित कर सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। इस पहल से वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।

इशिका ने जन्मदिन पर अनावश्यक खर्च करने के बजाय उस राशि का उपयोग जरूरतमंद बुजुर्गों की सेवा के लिए किया। परिवार की ओर से हर वर्ष जन्मदिन को सामाजिक कार्यों के माध्यम से मनाने की परंपरा निभाई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य केवल जन्मदिन मनाना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना और जरूरतमंदों के साथ खुशियां साझा करना है।

इस अवसर पर प्रविण चन्नावार, सुनील राऊत, वृद्धाश्रम के व्यवस्थापक गंगाधर चंदावार, भुरकाबाई रोहकर, जान्हवी चन्नावार और इशिका चन्नावार उपस्थित थे।

बड़ी बहन ने भी पेश की थी सामाजिक सेवा की मिसाल

चन्नावार परिवार की सामाजिक पहल केवल एक दिन तक सीमित नहीं है। अगस्त महीने में इशिका की बड़ी बहन जान्हवी प्रविण चन्नावार ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित कर उनकी पढ़ाई में सहयोग किया था। अब इशिका ने अपने जन्मदिन पर वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के साथ समय और खुशियां साझा कर सेवा भावना का परिचय दिया।

परिवार की इन पहलों से यह संदेश मिलता है कि जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों को जरूरतमंदों की मदद से जोड़कर अधिक सार्थक बनाया जा सकता है। छोटी-सी बचत से भी किसी के जीवन में खुशी लाई जा सकती है और समाज में सेवा, संवेदना तथा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक एवं आभार प्रदर्शन वृद्धाश्रम के व्यवस्थापक गंगाधर चंदावार ने किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए लोणारे और भुरकाबाई ने सहयोग प्रदान किया।

संदेश स्पष्ट है—जन्मदिन की असली खुशी महंगे आयोजनों में नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने में है।

रिपोर्टर :  चंद्रशेखर पुलगम

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