गोल्लागुडम गांव की सड़क बदहाल; आदिवासी ग्रामीणों का आवागमन हुआ मुश्किल!
गडचिरोली : सिरोंचा मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर और अपर तहसील आसरेली से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोल्लागुडम गांव तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर और बदहाल हो चुकी है। सड़क की दयनीय स्थिति के कारण गांव के नागरिकों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष बात यह है कि प्रशासनिक केंद्र के इतने करीब होने के बावजूद गांव की सड़क की हालत में अब तक सुधार नहीं हो पाया है।
गोल्लागुडम गांव में लगभग 70 मकान हैं और यहां करीब 350 लोग निवास करते हैं। गांव की शत-प्रतिशत आबादी आदिवासी समुदाय से संबंधित है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। गांव में आने-जाने के लिए इसी मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विकास के दावों के बीच सड़क की बदहाली पर सवाल!
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में गोल्लागुडम जैसे आदिवासी बहुल गांव की सड़क की दयनीय स्थिति ग्रामीण विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है। सड़क की खराब हालत के चलते ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क सुधार के लिए प्रशासन ठोस कदम उठाए!
गोल्लागुडम के ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग और प्रशासन गांव की सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण के लिए ठोस कदम उठाएंगे। अब सवाल यह है कि करीब 350 लोगों की आबादी वाले इस आदिवासी गांव की सड़क की समस्या का समाधान कब होगा और ग्रामीणों को इस बदहाल मार्ग से राहत कब मिलेगी?
ग्रामीणों की परेशानियों को देखते हुए संबंधित विभाग से मांग है कि सड़क की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि गोल्लागुडम के नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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