सेवानिवृत्त शिक्षक की जमीन से कथित अवैध उत्खनन, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

मंडला - जिले के निवास विकासखण्ड अन्तर्गत  भीखमपुर तिराहे से कुंडम तक निर्माणाधीन सड़क में उपयोग की जा रही मुरूम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए ग्राम भीखमपुर स्थित एक निजी भूमि से बिना अनुमति जेसीबी एवं अन्य मशीनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मुरूम का उत्खनन कर उसका उपयोग किया गया। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल निजी भूमि से खनिज के अवैध उत्खनन का मामला है, बल्कि बिना वैध अनुमति और रॉयल्टी के खनिज का उपयोग किए जाने की स्थिति में शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर मामला भी बन सकता है।

शिकायत के अनुसार सड़क निर्माण कर रही एसआरएस कंपनी के संचालक पवन शर्मा, उनके सुपरवाइजर एवं ठेकेदार ने ग्राम भीखमपुर के खसरा क्रमांक 04,रकबा 1.1300 हेक्टेयर स्थित भूमि से मुरूम निकालकर सड़क निर्माण में उपयोग किया। भूमि स्वामी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक प्रकाश चौबे ने थाना निवास में लिखित शिकायत दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उत्खनन करती मशीनों एवं मुरूम से भरे डंपरों के फोटो भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए हैं।

बिना अनुमति खनिज का उपयोग, शासन को राजस्व हानि का मामला- खनिज नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य में उपयोग होने वाला खनिज वैध स्रोत से और निर्धारित रॉयल्टी का भुगतान कर ही उपयोग किया जा सकता है। यदि निजी भूमि से बिना अनुमति मुरूम निकालकर निर्माण कार्य में उपयोग किया गया है, तो यह अवैध उत्खनन के साथ-साथ शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाला मामला भी माना जा सकता है। ऐसे मामलों में खनिज नियमों के उल्लंघन के साथ अन्य वैधानिक प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

जिम्मेदार विभागों की निगरानी पर सवाल- मामले ने निर्माण कार्यों की निगरानी करने वाले विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क निर्माण में उपयोग हो रही मुरूम का स्रोत क्या था? क्या उसकी रॉयल्टी और वैध अनुमति की जांच की गई? यदि नियमित निरीक्षण होता, तो ऐसे आरोप सामने आने की नौबत क्यों आती?

जनसुनवाई और कानूनी नोटिस के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई-

जानकारी के अनुसार भूमि स्वामी प्रकाश चौबे एवं उनकी पत्नी लंबे समय तक उपचार के सिलसिले में बाहर रहे। इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति में कथित रूप से जमीन से मुरूम का उत्खनन कर लिया गया। जानकारी मिलने पर उन्होंने जनसुनवाई में शिकायत की, अधिवक्ता के माध्यम से निर्माण कंपनी को विधिक नोटिस भी भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने थाना निवास में शिकायत दर्ज कराई। अब शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर अवैध उत्खनन और निर्माण कार्यों में खनिज उपयोग की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

रिपोर्टर - ऋषभ गुप्ता 

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