धंसी सड़क ने रोकी गांवों की रफ्तार बड़े वाहन और राशन की गाड़ियां लौटने को मजबूर

मंडला - जिले के निवास विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहगांव में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी सड़क का किनारा धंस गया है। बारिश के पानी के तेज बहाव से सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे सड़क के किनारे गहरा कटाव हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि सड़क के नीचे डाला गया पाइप भी अब खुले में दिखाई देने लगा है। यह सड़क दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख और महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना इस रास्ते से ग्रामीणों, किसानों, स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहनों के साथ-साथ अन्य छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क के धंसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है और किसी भी समय गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीण खुद बन रहे राहगीरों के ‘रक्षक’ सड़क की खतरनाक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। वे मौके पर खड़े होकर राहगीरों और वाहन चालकों को धंसे हुए हिस्से से सावधान कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढे और कटाव में मवेशी भी गिरकर घायल हो चुके हैं। रात के समय स्थिति और ज्यादा चिंताजनक हो जाती है। मौके पर पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं होने के कारण बाहर से आने वाले वाहन चालकों को सड़क के खतरे का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में अनजान वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है।

राशन की गाड़ियां भी लौट रहीं सड़क धंसने का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। बड़े वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, राशन लेकर आने वाली गाड़ियां भी धंसे हुए हिस्से के कारण आगे नहीं जा पा रही हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को इन वाहनों को वापस लौटाना पड़ रहा है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो दर्जनों गांवों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। किसानों की फसलों पर भी बारिश की मार लगातार बारिश और पानी के बहाव से आसपास के किसानों के खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कई खेतों में पानी भरने और मिट्टी बहने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले ही बारिश की मार झेल रहे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।

रखरखाव के प्रावधान पर उठे सवाल PMGSY सड़क के रखरखाव के लिए प्रावधान होने के बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मौजूदा स्थिति को लेकर अब तक जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का कटाव लगातार बढ़ता गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है और दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल मौके पर बैरिकेडिंग लगाने, चेतावनी संकेत और रोशनी की व्यवस्था करने तथा सड़क के धंसे हिस्से की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना समय रहते सड़क की सुध लेनी चाहिए।

सवाल यह है कि जब यह मार्ग दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है और सड़क की हालत लगातार बिगड़ रही है, तो जिम्मेदार विभाग कब जागेगा? क्या कार्रवाई किसी हादसे के बाद होगी या उससे पहले सड़क को सुरक्षित किया जाएगा?

रिपोर्टर - ऋषभ गुप्ता

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