धान फसल की बेहतर सुरक्षा के लिए मैदानी अमला सक्रिय, किसानों को उपचार की जानकारी दी
मंडला - मौसम की असमानता को देखते हुए सभी विकासखंडों में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के मैदानी अमले द्वारा धान फसल का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिले में कुछ स्थानों पर धान की फसल में लीफ ब्लाइट एवं भूरा माहू पाया गया है विभाग के अनुसार लीफ ब्लाईड के प्रकोप में धान की पत्तियाँ पहले पीली, फिर लाल होकर नीचे की ओर झुकते हुए सूखने लगती हैं। इसके निदान के लिए टेबुकोनॉजोल 10 प्रतिशत + सल्फर 65 प्रतिशत डब्ल्यूजी के साथ एंटीबायोटिक वेलिडामाइसिन का 30-35 मिलीलीटर प्रति पंप की दर से छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसी तरह भूरा माहू का प्रकोप सामान्यतः खेत में गोलाकार क्षेत्र में दिखाई देता है। कीट द्वारा पौधों का रस चूसने के कारण फसल वृत्ताकार रूप में सूखी दिखाई देने लगती है। इसकी रोकथाम के लिए पायमेट्राजिन 50 प्रतिशत डब्ल्यूजी 15 मिलीलीटर एवं इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल 12 मिलीलीटर प्रति पंप मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। कृषकों को उक्त दवाओं का प्रति एकड़ 8 से 10 पंप के हिसाब से प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
रिपोर्टर - संतोष
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