जनप्रतिनिधियों के औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, कई स्कूलों में मिली गंभीर खामियां

मंडला :  जनपद पंचायत मोहगाँव के उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष शिवकुमार मिश्रा तथा जनपद पंचायत सदस्य बोधसिंह मरकाम ने क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल खीसी, एकीकृत शाला चुभावल, प्राथमिक शाला बाँझडीह एवं हाई स्कूल उमड़ीह का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं और विद्यालय भवनों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। खीसी हाई स्कूल में पेयजल, भवन और शिक्षकों की समस्या- शासकीय हाई स्कूल खीसी में विद्यार्थियों ने पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने, बरसात में विद्यालय भवन की छत टपकने तथा हिंदी विषय की नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने की शिकायत की। जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय में विद्यार्थियों की कम संख्या पर भी चिंता व्यक्त करते हुए विशेष नामांकन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

चुभावल विद्यालय की स्थिति सबसे चिंताजनक-
एकीकृत शाला चुभावल में कक्षा 4वीं से 8वीं तक की सभी कक्षाएं एक ही कमरे में संचालित होती मिलीं। विद्यालय भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में है और बरसात के दौरान छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को छाता लगाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसके अलावा मिडिल स्कूल भवन में ही हाई स्कूल की कक्षाएं संचालित होने से शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

बाँझडीह प्राथमिक शाला में भी मिलीं कमियां-
प्राथमिक शाला बाँझडीह के निरीक्षण में विद्यालय भवन की खराब स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की कमी तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता सामने आई। जनप्रतिनिधियों ने भवन की मरम्मत एवं विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उमड़ीह हाई स्कूल में अंग्रेजी शिक्षक की कमी-
हाई स्कूल उमड़ीह में निरीक्षण के दौरान अंग्रेजी विषय के शिक्षक की आवश्यकता महसूस की गई। अधिकारियों को शीघ्र शिक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यहां भी विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष नामांकन अभियान चलाने को कहा गया।

अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश-
निरीक्षण के बाद जनप्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों को सभी विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने, जर्जर भवनों की मरम्मत अथवा नए भवनों के निर्माण, रिक्त शिक्षक पदों पर शीघ्र व्यवस्था करने तथा विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

शिक्षा समिति के अध्यक्ष शिवकुमार मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, पर्याप्त शिक्षक और सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में सामने आई सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा तथा जहां भी लापरवाही या अव्यवस्था मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रिपोर्टर : ऋषभ गुप्ता 

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