हीरापुर का बाल संस्कार केंद्र गढ़ रहा जिम्मेदार नागरिकों की नई पीढ़ी
मंडला - ग्रामीण अंचलों में जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों का अभाव अक्सर चिंता का विषय रहता है, वहीं मंडला जिले के ग्राम हीरापुर का बाल संस्कार केंद्र बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में नवांकुर संस्था आदिवासी जनकल्याण विकास संस्थान द्वारा संचालित यह केंद्र निःशुल्क शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार,अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी विकसित कर रहा है। जिला समन्वयक श्री सुशील बर्मन के निर्देश तथा निवास विकासखंड समन्वयक श्री सूरज बर्मन के मार्गदर्शन में सेक्टर क्रमांक-03 मोहगांव अंतर्गत संचालित इस केंद्र में नर्सरी से कक्षा 5वीं तक के बच्चों को प्रतिदिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक निःशुल्क शिक्षण दिया जा रहा है।
केंद्र की विशेषता यह है कि यहां बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि योग, भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा,सामाजिक समरसता,व्यक्तित्व विकास,नेतृत्व क्षमता और अनुशासित जीवन जैसे विषयों पर भी व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों में सत्य,ईमानदारी,सेवा,सहयोग,स्वच्छता और बड़ों के सम्मान जैसे जीवन मूल्यों का भी विकास किया जा रहा है। बाल संस्कार केंद्र का नियमित संचालन सुश्री आराधना धारवे द्वारा किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं,जिससे उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और सीखने की ललक लगातार बढ़ रही है। इस पहल का सकारात्मक प्रभाव अब पूरे गांव में दिखाई देने लगा है। बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ी है, अनुशासन और संस्कारों का विकास हुआ है, वहीं अभिभावकों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारों की मजबूत नींव देने वाला यह बाल संस्कार केंद्र आज हीरापुर में सामाजिक परिवर्तन का प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है।
रिपोर्टर - ऋषभ गुप्ता
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