महुआ फूल और गुली से आएगी समृद्धि कलेक्टर ने उद्योगपतियों के साथ बनाई कार्ययोजना

मंडला - जिले में महुआ फूल और गुली (महुआ बीज) के व्यवस्थित संग्रहण एवं प्रसंस्करण से ग्रामीणों की आय बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। कलेक्ट्रेट के गोलमेज कक्ष में बुधवार को महुआ प्रसंस्करण को लेकर वन विभाग, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा संबद्ध विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने की। बैठक में मनेरी स्थित अद्वैत साल्वेन्ट प्रा.लि. और ओरिएण्ट एथेनॉल प्रा. लि. के उद्योगपतियों ने भी हिस्सा लिया।
 
कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि मंडला जिले में 55 हजार से अधिक महुआ के पेड़ हैं और 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए यह द्वितीयक आय का प्रमुख स्त्रोत है। यदि इसका वैज्ञानिक और संस्थागत तरीके से संग्रहण एवं उपार्जन किया जाए तो आदिवासी परिवारों को बेहतर दाम मिल सकता है और यह समृद्धि का जरिया बन सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण परंपरागत तरीके से जमीन पर गिरा हुआ महुआ बीनते हैं, जिससे उसमें सिलिका और मिट्टी के कण चिपक जाते हैं और वह खाद्य सामग्री के रूप में उपयोग योग्य नहीं रहता। इस पर उद्योगपतियों ने महुआ पेड़ के कैनोपी एरिया में नेट लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार से कम कीमत वाली एक सीजन चलने योग्य नेट उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में अद्वैत साल्वेन्ट प्रा.लि. के श्री नितिन डिमोले और ओरिएण्ट एथेनॉल प्रा.लि. के श्री गर्व सिंह ने पीपीटी के माध्यम से महुआ प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन पर प्रस्तुतीकरण दिया।
 
कलेक्टर श्री धोटे ने कार्ययोजना स्पष्ट करते हुए कहा कि महुआ फूल का संग्रहण वन समितियों द्वारा किया जाएगा और समितियों से ही उद्योगपति इसका उपार्जन करेंगे, जबकि महुआ की गुली (बीज) का संग्रहण स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन द्वारा किया जाएगा और कम्पनियाँ फेडरेशन से इसका क्रय करेंगी। बैठक में वन मंडलाधिकारी पश्चिम श्री एम.एस. मौर्य, वन मंडलाधिकारी पूर्व सुश्री प्रीता एस.एम.एसीईओ जिला पंचायत श्री विनोद मरावी सहित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अधिकारी मौजूद रहे।
 
रिपोर्टर - संतोष नंदा 

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