“अधूरे हाईवे पर टोल क्यों?” — संतोष पटकारे का सरकार से सीधा सवाल
मुंबई - गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल वसूली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ के मुंबई प्रदेशाध्यक्ष संतोष पटकारे ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari को पत्र लिखकर टोल वसूली तुरंत बंद करने की मांग की है। पटकारे ने बताया कि 15 मई से खारपाडा टोल नाका अचानक शुरू कर दिया गया, जिससे कोकण क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि स्थानीय नागरिकों को भरोसे में लिए बिना ही यह निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि मुंबई-गोवा हाईवे कई सालों से अधूरा पड़ा है और इसकी खराब हालत के कारण सैकड़ों सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में अधूरे और जोखिम भरे हाईवे पर टोल वसूलना पूरी तरह गलत है।
पटकारे के अनुसार, पळस्पे से इंदापूर के बीच 84 किलोमीटर का सड़क चौड़ीकरण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। 2009 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट 2014 तक पूरा होना था, लेकिन देरी के कारण इसकी लागत 922 करोड़ से बढ़कर लगभग 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। खराब निर्माण और धीमी गति से चल रहे काम से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण काकड़े और सामाजिक कार्यकर्ता संतोष ठाकूर के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सकता है। पटकारे ने मांग की है कि खारघर टोल नाके की तरह इस टोल नाके पर भी निजी वाहनों को पूरी तरह टोलमुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि कोकणवासियों को अब अपने हक के लिए एकजुट होने की जरूरत है। हर साल मुंबई,ठाणे,गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र से हजारों लोग गोवा की यात्रा करते हैं। ऐसे में सरकार और जनप्रतिनिधियों को तुरंत हस्तक्षेप कर आम जनता को राहत देनी चाहिए।
रिपोर्टर – साबीर शेख


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