डोंबिवली के ऐतिहासिक 52 चाल रेलवे मैदान पर विकास कार्य पर रोक, मैदान फिर नागरिकों के लिए खुला

डोंबिवली :  डोंबिवली पश्चिम स्थित हजारों नागरिकों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण ऐतिहासिक 52 चाल रेलवे मैदान फिलहाल सुरक्षित हो गया है। मैदान पर प्रस्तावित गेमिंग ज़ोन के निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में किए गए प्रयासों और विधायक राजेश मोरे द्वारा रेलवे प्रशासन के समक्ष उठाई गई मजबूत मांग के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों में संतोष का माहौल है।

डोंबिवली पश्चिम के 52 चाल क्षेत्र में रेलवे की इस विस्तृत भूमि पर रेलवे प्रशासन द्वारा गेमिंग ज़ोन विकसित करने के उद्देश्य से कुछ निर्माण कार्य शुरू किए गए थे। इससे इलाके के एकमात्र बड़े खुले मैदान के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था। वर्षों से इस मैदान का उपयोग स्थानीय खिलाड़ी अभ्यास के लिए करते रहे हैं। साथ ही नागरिक सुबह-शाम टहलने, वरिष्ठ नागरिक समय बिताने तथा विभिन्न सामाजिक और खेल गतिविधियों के लिए इसका उपयोग करते हैं।

मैदान के अस्तित्व पर संकट पैदा होने के बाद स्थानीय नागरिकों, खिलाड़ियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं तथा सामाजिक संगठनों ने जोरदार आंदोलन शुरू किया। इस सर्वदलीय आंदोलन को समर्थन देते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने तत्काल हस्तक्षेप किया और मामले को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।

इसके बाद विधायक राजेश मोरे और सांसद के निजी सहायक अभिजीत दरेकर ने रेलवे प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर नागरिकों की भावनाओं और मैदान के महत्व से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे अधिकारियों के समक्ष यह स्पष्ट किया कि डोंबिवली पश्चिम क्षेत्र में तेजी से शहरीकरण हो रहा है और बच्चों तथा खिलाड़ियों के लिए खुले मैदानों की भारी कमी है। ऐसे में इस मैदान का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए रेलवे प्रशासन ने मैदान पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने का निर्णय लिया। इसके बाद मैदान एक बार फिर नागरिकों के लिए खोल दिया गया है, जिससे खिलाड़ियों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

इस मुद्दे को केवल वर्तमान निर्माण कार्य तक सीमित न रखते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे भविष्य में भी मैदान के स्थायी संरक्षण और सार्वजनिक हित में इसके विकास के लिए प्रयासरत हैं। जानकारी के अनुसार, वे जल्द ही नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात कर 52 चाल रेलवे मैदान को स्थायी रूप से संरक्षित रखने तथा खेल एवं सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित करने की मांग उठाएंगे।

डोंबिवली की खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाने वाला यह मैदान केवल एक खुली जगह नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों की यादों, खिलाड़ियों के सपनों और क्षेत्र के सामाजिक जीवन का केंद्र है। इसलिए मैदान को बचाने की स्थानीय नागरिकों की मांग को न्याय मिलने की भावना पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रही है।

सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के हस्तक्षेप और विधायक राजेश मोरे के लगातार प्रयासों के चलते फिलहाल 52 चाल रेलवे मैदान पर मंडरा रहा खतरा टल गया है। मैदान को बचाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने वाले नागरिकों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों ने सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे तथा विधायक राजेश मोरे के प्रति आभार व्यक्त किया है।

रिपोर्टर : दीपक मोरे 

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