उल्हासनगर दोहरे हत्याकांड में ‘खाकी के मुखबिर’ पर गिरी गाज
उल्हासनगर : दोहरे हत्याकांड में ‘खाकी के मुखबिर’ पर गिरी गाज! आरोपी को गोपनीय जानकारी देने के आरोप में पुलिसकर्मी निलंबित कैलास कॉलोनी गोलीकांड में बड़ा खुलासा; मुख्य आरोपी के कार्यालय में जाता दिखा पुलिसकर्मी, DCP सचिन गोरे ने की कार्रवाई
उल्हासनगर के कैंप नंबर-5 स्थित कैलास कॉलोनी में दो सगे चौहान भाइयों की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। इस गंभीर मामले की जांच से जुड़ी गोपनीय जानकारी मुख्य आरोपी तक पहुंचाने के आरोप में पुलिस कांस्टेबल सुभाष घाडगे को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने की है।
CCTV फुटेज से सामने आया पुलिसकर्मी का कनेक्शन!
जानकारी के अनुसार, करीब आठ महीने पहले कैलास कॉलोनी में हुई गोलीबारी और हमले में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनके चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में हिललाइन पुलिस स्टेशन में नौ से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने आठ आरोपियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर के कार्यालय परिसर में लगे 11 CCTV कैमरों के DVR जब्त किए थे। फुटेज की जांच में कथित तौर पर पुलिस कांस्टेबल सुभाष घाडगे को देर रात मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर और उसके साथियों के ‘केसी ग्रुप’ कार्यालय में जाते हुए देखा गया।
पुलिस की गोपनीय जानकारी आरोपियों तक पहुंचाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आगे की जांच में सामने आया कि सुभाष घाडगे कथित तौर पर मामले की जांच, आरोपियों से पूछताछ और पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों की गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी आरोपियों तक पहुंचा रहा था।
यह भी आरोप है कि इस जानकारी का इस्तेमाल पुलिस पर दबाव बनाने के लिए स्थानीय YouTube चैनल के माध्यम से खबरें प्रसारित करने में किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए DCP सचिन गोरे ने संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित करने का आदेश दिया।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
दोहरे हत्याकांड जैसे गंभीर मामले की जांच के दौरान पुलिस विभाग के ही एक कर्मचारी पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लगने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। इस कार्रवाई को जांच की गोपनीयता भंग करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
DCP सचिन गोरे के अनुसार, CCTV फुटेज और आगे की जांच में पुलिसकर्मी के आरोपी के कार्यालय में जाने तथा गोपनीय जानकारी साझा कर पुलिस पर दबाव बनाने से संबंधित तथ्य सामने आने के बाद उसे निलंबित किया गया।
अब इस मामले में आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रिपोर्टर : साबीर शेख

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