नरवाई जलाई तो ड्रोन से होगी निगरानी, जुर्माने के साथ दर्ज होगी एफआईआर
नर्मदापुरम: खेतों में नरवाई जलाने वालों पर अब ड्रोन से नजर रखी जाएगी। ड्रोन की मदद से आग लगाने वाले खेत की पहचान की जाएगी। नरवाई जलाने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। वहीं, फसल कटाई के दौरान हार्वेस्टर में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाना जरूरी होगा। इसके बिना हार्वेस्टर चलाने पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने नरवाई प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से रोकने के लिए खेतों पर नजर रखने के साथ किसानों को समझाइश भी दी जाए। खासकर बड़े रकबे में खेती करने वाले किसानों से चर्चा कर उन्हें फसल अवशेष नहीं जलाने के लिए प्रेरित किया जाए।
पहले नरवाई जलाने वाले किसानों को समझाएंगे
कलेक्टर ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले वर्षों में नरवाई जलाने के ज्यादा मामले सामने आए हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए। ऐसे किसानों की पहचान की जाए, जिनके खेतों में हर साल नरवाई जलाई जाती है। अधिकारी इन किसानों से संपर्क कर उन्हें नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दें और फसल अवशेषों के सही प्रबंधन के तरीके बताएं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचेगी टीम
नरवाई जलाने की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई के लिए सभी एसडीएम अपने क्षेत्रों में क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाएंगे। ये टीमें मौके पर पहुंचकर घटना की जांच और जरूरी कार्रवाई करेंगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
बेल्स रखने के लिए जगह होगी तय
जिले में उपलब्ध कृषि उपकरणों की जानकारी जुटाकर उनकी मैपिंग की जाएगी, ताकि जरूरत के समय उनका उपयोग किया जा सके। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि फसल कटाई के दौरान हार्वेस्टर में एसएमएस लगाया जाए। इसके बिना हार्वेस्टर चलाने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में ऐसी जगह चिह्नित की जाएगी, जहां फसल अवशेषों से बनाई गई बेल्स रखी जा सकें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला, सभी एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्टर : संतोष सिंह चंदेल

No Previous Comments found.