त्र्यंबकेश्वर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा; कुंभ मेले से पहले दर्शन मार्ग को चौड़ा करने की कवायद तेज
त्र्यंबकेश्वर : आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों और त्र्यंबकेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं की असुविधा को दूर करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर और शहर के अन्य हिस्सों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है। यह कार्रवाई गुरुवार, **16 अप्रैल* से शुरू हुई है और रविवार, *20 अप्रैल* तक जारी रहेगी।
भीड़ और जाम से मिलेगी मुक्ति
त्र्यंबकेश्वर मंदिर के आसपास और प्रमुख मार्गों पर किए गए अवैध निर्माण, टपरियों और अनधिकृत दुकानों के कारण सड़कें काफी संकरी हो गई थीं। इससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यहां भीड़ अनियंत्रित हो जाती थी।
व्यवस्थित दर्शन के लिए 'दर्शन पथ' का निर्माण
त्र्यंबक नगर परिषद द्वारा चलाई जा रही इस सुनियोजित मुहिम से सड़कें चौड़ी और खुली हो जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आवाजाही सुगम होगी। साथ ही, यह कार्रवाई कुंभ मेले के मद्देनजर *‘दर्शन पथ’ (Darshan Path)* विकसित करने के लिए भी मार्ग प्रशस्त कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में दर्शन उपलब्ध कराना है।
"कुंभ मेले की दृष्टि से और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिक्रमण मुक्त और प्रशस्त मार्ग तैयार करना बेहद आवश्यक है। इसीलिए यह कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा ताकि त्र्यंबकेश्वर शहर सुव्यवस्थित बना रहे।"*
गोविंद जाधव, मुख्याधिकारी, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद
रिपोर्टर : लक्ष्मीकांत निकम

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