नीम की पत्तियों से घर पर बनाएं प्राकृतिक कीटनाशक, पौधों को बचाने का आसान तरीका

पौधों और फसलों में कीट लगना किसानों और घर में पौधे उगाने वाले लोगों के लिए आम समस्या है। कीड़ों के प्रकोप से पत्तियां खराब होने लगती हैं और पौधों की वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बाजार से महंगे कीटनाशक खरीदने के बजाय नीम की पत्तियों से प्राकृतिक कीटनाशक तैयार किया जा सकता है। नीम में मौजूद प्राकृतिक तत्व कई तरह के कीटों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने और इस्तेमाल करने का आसान तरीका।

नीम की पत्तियों से तैयार करें घोल

सबसे पहले करीब 1 किलो ताजी नीम की पत्तियां लेकर अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद पत्तियों को कूटकर या पीसकर एक बर्तन में डालें और उसमें करीब 5 लीटर पानी मिलाएं। इस मिश्रण को ढककर रातभर के लिए छोड़ दें। अगले दिन इसे कपड़े से छान लें, ताकि पत्तियों के टुकड़े अलग हो जाएं और छिड़काव के लिए नीम का घोल तैयार हो जाए।

छिड़काव के लिए ऐसे करें तैयार

नीम का घोल पत्तियों पर अच्छी तरह चिपके, इसके लिए इसमें थोड़ी मात्रा में हल्का लिक्विड साबुन या प्राकृतिक वेटिंग एजेंट मिलाया जा सकता है। घोल को जरूरत के अनुसार पानी में पतला करके स्प्रे पंप में भरें। पहली बार इस्तेमाल करते समय पौधे की कुछ पत्तियों पर थोड़ी मात्रा में छिड़काव करके प्रतिक्रिया देख लेना बेहतर है।

पत्तियों के दोनों तरफ करें छिड़काव

कीट अक्सर पत्तियों की निचली सतह पर छिपे रहते हैं, इसलिए नीम के घोल का छिड़काव पत्तियों के ऊपर और नीचे दोनों तरफ करें। सुबह या शाम का समय छिड़काव के लिए बेहतर माना जाता है। तेज धूप के दौरान छिड़काव करने से बचें, क्योंकि इससे पौधों को नुकसान हो सकता है।

कीट दिखते ही करें इस्तेमाल

पौधों पर शुरुआती स्तर पर कीट दिखाई देने पर नीम के घोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह कई सामान्य कीटों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अगर फसल में कीटों का प्रकोप ज्यादा है या पौधे तेजी से खराब हो रहे हैं, तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

इस्तेमाल के दौरान रखें सावधानी

नीम का घोल प्राकृतिक है, फिर भी इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। घोल को लंबे समय तक रखने के बजाय जरूरत के अनुसार ताजा तैयार करना बेहतर है। छिड़काव करते समय हाथ और आंखों की सुरक्षा का ध्यान रखें और तैयार घोल को बच्चों व पालतू जानवरों से दूर रखें।

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