मड़वा घाट मार्ग बना जनआवश्यकता का मुद्दा, 50–60 किलोमीटर का चक्कर काटने को मजबूर लोग

पन्ना : रैपुरा क्षेत्र का बहुप्रतीक्षित मड़वा घाट मार्ग अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों का कहना है कि इस मार्ग के अभाव में उन्हें रोजाना लगभग 50 से 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। इससे समय की भारी बर्बादी होने के साथ-साथ ईंधन और परिवहन खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार मड़वा घाट मार्ग बनने से रैपुरा, आसपास के गांवों और पन्ना जिले के कई हिस्सों का संपर्क अधिक सुगम हो जाएगा। लोगों का कहना है कि यह केवल सड़क निर्माण का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और ग्रामीण विकास से जुड़ा बड़ा जनहित का विषय है।
ग्रामीणों ने बताया कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, किसानों को मंडी तक फसल ले जाने और विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने में अतिरिक्त दूरी के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मड़वा घाट मार्ग के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि यह मार्ग बनने से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
जनता का कहना है कि वर्षों से लंबित इस मांग पर अब ठोस निर्णय लेने का समय आ गया है, ताकि लोगों को अनावश्यक चक्कर और अतिरिक्त खर्च से राहत मिल सके।

रिपोर्टर : लखन साहू

 

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