न्यायपालिका के गौरवशाली क्षण का साक्षी बना पवई–हिनौता

पवई : न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में 17 अप्रैल, शुक्रवार का दिन पवई एवं हिनौता के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब न्यायालय परिसर में अत्याधुनिक मध्यस्थता केंद्र (मीडिएशन सेंटर) एवं नवीन ज्यूडिशियल भवन का भव्य ई-लोकार्पण संपन्न हुआ। यह गरिमाम ई आयोजन न्यायपालिका के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया।

कार्यक्रम का आयोजन माननीय जिला अपर सत्र न्यायाधीश सोम पांडे के कुशल निर्देशन में किया गया, जो न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुख्य न्यायाधिपति, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपने करकमलों से ई-लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति विवेक रूसिया, प्रशासनिक न्यायाधीश एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की गई। वहीं माननीय न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा, उच्च न्यायालय न्यायाधीश एवं पन्ना के पोर्टफोलियो जज की गरिमामई उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रतिष्ठित बना दिया।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, में अध्यक्ष राजेश कुमार नगायच एडवोकेट बी के त्रिपाठी डी के श्रीवास्तव व अन्य अधिवक्ता गण जनप्रतिनिधियों  पत्रकार गण एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के साक्षी बनकर न्यायपालिका के इस नवाचार का स्वागत किया।
नवस्थापित मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से अब वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली को नई गति मिलेगी, जहां आपसी सहमति से मामलों का त्वरित, किफायती और सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सकेगा। वहीं आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नवीन ज्यूडिशियल भवन न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पवई–हिनौता के न्यायिक इतिहास में यह दिन स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है—जहां न्याय केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनसेवा, विश्वास और सुशासन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

संवाददाता : सुरेश कुमार द्विवेदी 

 

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