“देश में गूंजी सबसे बुलंद आवाज हन्जला का फिल्म इंडस्ट्री पर सीधा प्रहार, कहा: अब बदलेगी सिनेमा की दिशा!”
प्रयागराज : देश में पहली बार एक ऐसी सशक्त और बेबाक आवाज उठी है जिसने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को आईना दिखा दिया है। इलाहाबाद जनकल्याण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद हन्जला ने सिनेमा की वर्तमान दिशा पर सीधा और तीखा प्रहार करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अब समाज को भटकाने वाली फिल्मों का दौर खत्म होना चाहिए।
हन्जला ने कहा कि आज का सिनेमा अपने असली उद्देश्य से भटक चुका है। फिल्मों में अपराधियों, गुंडों और बाहुबलियों को “हीरो” बनाकर पेश किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। गली-मोहल्लों के लफंगों को महिमामंडित करना समाज के लिए घातक साबित हो रहा है और यह प्रवृत्ति देश को गलत दिशा में ले जा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब वक्त आ गया है कि सिनेमा देशभक्ति, त्याग और बलिदान की सच्ची कहानियों को सामने लाए। वीर सैनिकों, अमर शहीदों, महान क्रांतिकारियों और समाजसेवियों के जीवन पर आधारित फिल्में ही राष्ट्र को मजबूत बनाएंगी और युवाओं के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगी।
हन्जला ने दो टूक शब्दों में कहा —
“अब फिल्मों में गुंडागर्दी नहीं, देशभक्ति दिखनी चाहिए… अब लफंगों की नहीं, शहीदों की कहानी चलेगी!”
उन्होंने संबंधित प्राधिकरणों से मांग करते हुए कहा कि फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाए और ऐसे कंटेंट पर पूरी तरह रोक लगाई जाए जो अपराध, हिंसा और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है। साथ ही, ऐसे विषयों को प्राथमिकता दी जाए जो राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को सशक्त करें।
हन्जला ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर फिल्म इंडस्ट्री ने अपनी दिशा नहीं बदली तो जनहित में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसमें देशभर के जागरूक नागरिक हिस्सा लेंगे।
“फिल्में समाज का आईना होती हैं — अब यह आईना साफ, सशक्त और राष्ट्रहित में होना चाहिए!”
रिपोर्टर : जाबिर अली


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